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तीन दंतैल हाथी जब रामायण सुनने पहुंचे, इसके बाद क्या हुआ है यह जानिए… पेटी-ढ़ोलक मास्टर मंच छोड़ भागे

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा था हाथी यहां के लिए वरदान है, लेकिन इस क्षेत्र के जनता अभी तक नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके लिए वरदान है या फिर अभिशाप ? …… दिलीप शर्मा

महासमुंद। सिरपुर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को न दिन में चैन है न ही रात में। ग्राम पीढ़ी में अखंड रामायण का कार्यक्रम चल रहा था। यहां दूर-दूर से रामायण मंडली और श्रद्धालु शामिल होने आए थे। लेकिन, मंगलवार की रात जो कुछ यहां हुआ, वह अजीबों-गरीब था। दरअसल, रामायण का दोहा-चौपाई चल रहा था, रात 10 बजे पंडाल के पीछे तीन दतैल हाथी आ धमके।

इसके बाद क्या हुआ यह भी पढ़िए…

  • रामायण सुन रहे लोगों में हड़कंप मच गया, लोग इधर-उधर भागने लगे।
  • इधर, रामायणी और पेटी व ढोलक मास्टर भी दोहा-चौपाई छोड़ मंच से भागे।
  • लोगों ने रात में ही वन विभाग के अफसरों को इसकी सूचना दी, लेकिन नहीं पहुंचे।
  • जैसे-तैसे ग्रामीणों ने मसाल जलाकर, टार्च एवं फटाखे फोड़कर हाथियों को भगाया।
  • ग्रामीणों ने बाहर से आए मानस मण्डली को रातभर रोके रखा।

वन विभाग की निष्क्रियता से लोगों में आक्रोश

  • हाथियों को देखकर बाहर से आए हुए रामायण मंडलियों के होश उड़ गए।
  • सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचने पर वन विभाग के प्रति लोगो में भारी नाराजगी है।
  • रामायण समारोह का शुभारंभ 7 मई हुआ। इसका समापन 10 मई को रात्रि 8 बजे होगा।
  • हाथी भगाओ के संयोजक राधेलाल सिन्हा का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों का आतंक से लोग दहशत में है। लेकिन, वन विभाग को इसकी परवाह नहीं है।
  • लोगों की सुरक्षा को लेकर विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
  • इस ओर विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो जल्द ही आंदोलन किया जाएगा। साथ ही इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।

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