वाह ! सहकारी बैंक के पास फंड नहीं, किसान ने बैंक के सामने लगावाया टेंट

दिलीप शर्मा. महासमुंद। किसानों का बैंक जिला सहकारी बैंक (Farmers’ Bank District Cooperative Bank) अपने अव्यवस्थाओं के लिए प्रसिद्धि बना चुका है। इस बैंक में पहुंचने वाले किसानों की पीड़ा से विभाग को कोई सरोकार नहीं है। कुछ ऐसा ही एक नजारा  जिले के कोमाखान सहकारी बैंक में देखने को मिला है। यहां रोजाना 500 से 700 किसान लेन-देन के लिए पहुंचते हैं। स्थिति यह है कि धूप और बारिश के बीच इस बैंक में कतार लगाकर किसानों को खड़ा होना पड़ता है।

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समस्या बताना किसान को पड़ा महंगा : अभी हाल ही 21 अक्टूबर को इस बैंक में पहुंचे टेड़ीनारा के किसान चिंता राम सिन्हा ने बैंक अफसरों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन बैंक प्रबंधन ने यह कहकर किसानों को सुविधाएं देने से मना कर दिया कि उनके पास इसके लिए कोई फंड नहीं है। इसके लिए किसान ने बैंक प्रबंधन को कई बार कहा कि किसी भी फंड से बैंक के बाहर एक टेंट लगा दो जिससे किसान उसके नीचे आराम से बैठ सकें। किसान के बार-बार कहने पर बैंक कर्मचारी झल्लाते हुए कहा इतने ही किसानों के हितैषी बनते हो तुम अपने खर्चे से टेंड क्यो नहीं लगवा देते? उक्त किसान के सम्मान को ठेस पहुंचाते हुए बैंक कर्मचारी ने बैंक से चुपचाप चले जाने को कहा!

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अंतत: किसान बैंक से चुपचाप निकल गया, किसान को बैंक कर्मचारी की बात हठ कर गई और सीधे कोमाखान स्थित टेंड हाउस पहुंचा और उन्होंने प्रतिदिन 400 रुपए किराए से बैंक के सामने टेंट लगवाया। किसान चिंताराम ने बताया कि 21 अक्टूबर से दीपावली तक टेंड वहां लगी रहेगी। इसके लिए चाहे जो खर्च हो मै देने को तैयार हूं। लेकिन वाह रे बैंक प्रबंधन यह सब होते चुपचाप देखते रहा, उक्त किसान द्वारा किसानों के हित में लगवाए टेंट की चर्चा पूरे क्षेत्र में है।

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