ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के लिए नई महंगाई भत्ता दरें लागू
छत्तीसगढ़ श्रमिकों के लिए खुशखबरी
रायपुर: छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को हाल ही में आर्थिक राहत मिली है। राज्य सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि की नई दरें लागू की हैं। श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता द्वारा निर्धारित की गई ये नई दरें श्रमिकों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायक होंगी।
महंगाई भत्ते में महत्वपूर्ण वृद्धि
लेबर ब्यूरो, शिमला से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच औद्योगिक सूचकांक में 11.28 अंकों की वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य के 45 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों को महंगाई भत्ते में 226 रुपये की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
कृषि श्रमिकों के लिए, सूचकांक में 34 अंकों का इजाफा होने से उनके भत्ते में 170 रुपये का इजाफा हुआ है। अगरबत्ती उद्योग के श्रमिकों के लिए भी दरों में वृद्धि की गई है, जहां उन्हें 8.53 रुपये प्रति हजार अगरबत्ती के मान से अतिरिक्त राशि मिलेगी। यह संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी।
न्यूनतम वेतन की नई दरें
नए वेतनमान के अनुसार, 45 अनुसूचित सामान्य नियोजन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन विभिन्न जोनों में इस प्रकार निर्धारित किया गया है: जोन ‘अ’ के लिए 11,402 रुपये, जोन ‘ब’ के लिए 11,142 रुपये, और जोन ‘स’ के लिए 10,882 रुपये।
अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए, वेतन क्रमशः जोन ‘अ’ में 12,052 रुपये, जोन ‘ब’ में 11,792 रुपये, और जोन ‘स’ में 11,532 रुपये निर्धारित किया गया है। कुशल श्रमिकों के लिए ये दरें 12,832 रुपये, 12,572 रुपये, और 12,312 रुपये हैं, जबकि उच्च कुशल श्रमिकों के लिए यह दरें क्रमशः 13,612 रुपये, 13,352 रुपये और 13,092 रुपये प्रति माह होंगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा की गई यह पहल श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकारी वेबसाइट श्रमेवजयते या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह नई दरें न केवल श्रमिकों के लिए अधिक सुरक्षा प्रदान करेंगी, बल्कि उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी सहायक होंगी।
