पुलिस पूछताछ में गांजा खरीदने के लिए ओडिशा जाने की बात सामने आई, हथियार सुरक्षा के लिए खरीदने का दावा
महासमुंद/बसना। जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी और वाहन चेकिंग के दौरान चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .315 बोर का एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 3 लाख 25 हजार रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा बीएनएस की धारा 61(2)(क) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, 9-10 अगस्त की दरमियानी रात प्रधान आरक्षक भूपेंद्र चंद्राकर क्रमांक 182 अपने हमराह स्टाफ के साथ पलसापाली बेरियर पर सघन नाकाबंदी और वाहन चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान रात करीब 1 बजे ओडिशा की ओर से एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार आती दिखाई दी। वाहन में स्थायी नंबर प्लेट नहीं थी, बल्कि पीछे पीले रंग की टीसी प्लेट MP07/C0011/TC (NIKUNJ MOTORS) लगी हुई थी।
पुलिस को वाहन संदिग्ध लगा, जिसके बाद कार को रोककर उसमें सवार चार लोगों से पूछताछ की गई। पूछताछ में उनकी पहचान उमाशंकर शर्मा (41), निवासी ग्राम देवरी, थाना मेहगांव, जिला भिंड (मध्यप्रदेश), आकाश काकर शर्मा उर्फ गोलू (27), निवासी बरोही, जिला भिंड, शिवम शर्मा (26), निवासी बरोही, जिला भिंड और शनि सिंग उर्फ संदीप (32), निवासी गरीकरना, थाना खैरागढ़, जिला आगरा (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई।
गवाहों की मौजूदगी में वाहन और आरोपियों की तलाशी
पुलिस के मुताबिक संदिग्ध आचरण और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मौके पर राहगीर गोपाल पात्रे निवासी खोखेपुर और गौरव साव निवासी बंसुला को गवाह बनाया गया। उनकी मौजूदगी में कार और आरोपियों की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड/सीट के पास से एक .315 बोर का देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा एक बैग से 3 लाख 25 हजार रुपये नकद मिले। पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से अलग-अलग कंपनियों के चार मोबाइल फोन भी जब्त किए।
पूछताछ में गांजा खरीदने के लिए ओडिशा जाने की बात
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पृथक-पृथक पूछताछ और मेमोरेंडम कथन में उन्होंने कथित तौर पर ओडिशा के बलांगीर निवासी एक व्यक्ति से गांजा खरीदने के लिए रुपये लेकर जाने की बात कही। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि गांजा सप्लायर से संपर्क नहीं हो पाने के कारण वे बिना गांजा लिए वापस लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी उमाशंकर शर्मा ने पूछताछ में कथित तौर पर यह भी बताया कि रास्ते में पुलिस या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा रोके जाने की स्थिति में सुरक्षा के लिए उसने करीब 5 हजार रुपये में देशी कट्टा और कारतूस खरीदे थे।
हालांकि, गांजा बरामद नहीं हुआ है। गांजा खरीदने और तस्करी की योजना से संबंधित बातें फिलहाल आरोपियों के कथित मेमोरेंडम/पूछताछ बयान पर आधारित हैं और मामले की विवेचना के दौरान इन तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।
दस्तावेज नहीं दिखाने पर जब्ती
पुलिस ने आरोपियों को बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस देकर वाहन समेत संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मौके से बरामद नगदी, हथियार, कार और मोबाइल फोन को विधिवत जब्त किया गया।
चारों आरोपियों की अलग-अलग समय पर गिरफ्तारी
पुलिस ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तारी के कारण और आधार की लिखित सूचना दी तथा आवश्यक चेकलिस्ट तैयार की। इसके बाद उमाशंकर शर्मा को सुबह 6:15 बजे, आकाश काकर शर्मा को 6:30 बजे, शिवम शर्मा को 6:45 बजे और शनि सिंग उर्फ संदीप को सुबह 7 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना उनके परिजनों को भी दी गई।
पलसापाली बेरियर घटनास्थल होने के कारण प्रधान आरक्षक भूपेंद्र चंद्राकर द्वारा मौके पर देहाती नालिसी तैयार की गई। थाना वापसी के बाद मामले में नंबरी अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
जब्त सामग्री
- 3,25,000 रुपये नगद
- एक .315 बोर का देशी कट्टा
- तीन जिंदा कारतूस
- एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार
- चार मोबाइल फोन
पुलिस अब हथियार के स्रोत, नकदी के संबंध, वाहन के दस्तावेज और आरोपियों के ओडिशा कनेक्शन समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

Recent Comments