नई बांग्लादेश-भारत संबंध: Vergangenheit की गलतियों से बचने का वादा

ब्रेकिंग न्यूज: भारत-बांग्लादेश के बीच नए रिश्ते का दौर शुरू

बांग्लादेश ने भारत के साथ संबंध सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश के विदेश मामलों के सलाहकार ने कहा है कि इस नए रिश्ते का फोकस "जनता से जनता" के संपर्क पर होगा।

बांग्लादेश और भारत के रिश्ते में नया आयाम

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारेक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार, हुमायूँ कोबिर ने सोमवार (6 अप्रैल, 2026) को कहा कि दोनों देशों के रिश्ते में भविष्य की दिशा "लोगों से लोगों" के संपर्क पर आधारित होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह नया रिश्ता व्यक्तियों या राजनीतिक दलों की सीमाओं में नहीं बंधा होगा।

कोबिर ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारी द्विपक्षीय संबंध जनता के संपर्क पर केंद्रित हो। यह भारत के लिए भी आवश्यक है। हमें सुनिश्चित करना है कि यह रिश्ता अतीत की गलतियों से मुक्त हो।" यह बयान उस समय आया जब भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने प्रधानमंत्री तारेक रहमान से मुलाक़ात की।

ऊर्जा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण वार्ता

कोबिर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री रहमान और उच्चायुक्त वर्मा के बीच बैठक के दौरान उर्जा सहयोग पर चर्चा की गई थी। भारत ने 10 मार्च को बांग्लादेश को 5,000 मीट्रिक टन उच्च गति डीजल भेजा था, जिससे ऊर्जा संकट को हल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

बांग्लादेश में ऊर्जा संकट इस वक्त बढ़ रहा है, जिसका कारण अमेरिका-इजराइल युद्ध है। विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की भारत यात्रा मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को शुरू होने जा रही है। यह बांग्लादेश की तरफ से पहली विदेश मंत्री स्तर की यात्रा होगी।

अतीत से सीखते हुए नए रिश्ते की आवश्यकता

कोबिर ने कहा कि बांग्लादेश ने शेेख हसीना की सरकार के बाद एक नया दौर शुरू किया है। उन्होंने कहा, "हमें एक नए रिश्ते के लिए नए स्थान का निर्माण करना होगा, क्योंकि हसीना-भारत का संबंध अब संभव नहीं है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक दलों और अधिकारियों के बीच अधिक आवागमन होने चाहिए, ताकि "कठिन मुद्दों" पर संवाद बढ़ाया जा सके और गलतफहमियाँ टाली जा सकें।

ऑफिशियल रिपोर्टों के अनुसार, खलीलुर रहमान की यात्रा का कार्यक्रम तय है और वे कई उच्च स्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। हालांकि, बातचीत की तैयारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच सतर्कता बनी हुई है।

स्थानीय समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ ने भी बताया कि बांग्लादेशी टीम गंगा जल संधि के नवीनीकरण और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा के अलावा, भारत द्वारा बांग्लादेशी निर्यात के लिए समुद्री और हवाई अड्डों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने की जरूरत का भी उल्लेख करेगी। इसके साथ ही, वे भारत से सीमापार फायरिंग को कम करने की भी माँग करेंगे, जिसके बारे में भारत का कहना है कि ये अपराधियों और तस्करों के खिलाफ होती हैं।

बांग्लादेश की स्थिति में सुरक्षा के मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

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