CG कॉलेज में हाईटेक नकल का खुलासा: मोबाइल से नकल करते पकड़े गए 10 छात्रों, परीक्षा केंद्र निरस्त, प्रबंधन को जारी हुआ शोकॉज नोटिस!

ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में परीक्षा केंद्र पर बड़ा नकल कांड

बिलासपुर, 27 मार्च 2026 | छत्तीसगढ़ अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से जुड़े मिनीमाता साइंस कॉलेज में हुई एक बड़ी घटना ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। यहां, छात्रों का समूह सामूहिक रूप से मोबाइल के जरिए नकल करते पकड़ा गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूनिवर्सिटी ने इस परीक्षा केंद्र को निरस्त कर दिया है और अब छात्र राजीव गांधी गर्वनमेंट कॉलेज में अपनी परीक्षा देंगे।

नकल के दौरान छात्रों को रंगे हाथों पकड़ा गया

यूनिवर्सिटी के उड़नदस्ता दल ने जब कॉलेज में धावा बोला, तो वहां की स्थिति देखकर सभी हैरान रह गए। छात्र बिना किसी डर के मोबाइल का इस्तेमाल कर नकल कर रहे थे। इस छापे में 9 छात्रों को नकल करते हुए पकड़ा गया। दूसरी पाली में रजिस्ट्रार डॉ. तारणीश गौतम और परीक्षा नियंत्रक रामेश्वर राठौर ने एक बार फिर छापा मारा, जिसमें एक छात्र ब्लूटूथ के द्वारा नकल करते भी पकड़ा गया।

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही

जब जांच हुई तो यह पता चला कि सभी जिम्मेदार अधिकारी स्थान पर मौजूद नहीं थे। वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष विवेक साहू, कॉलेज की केंद्राध्यक्ष और प्राचार्य सभी वहां से गायब मिले। इस दौरान एक पर्यवेक्षक जो ड्यूटी पर था, वह कॉलेज स्टाफ नहीं बल्कि एक बाहरी व्यक्ति था। विवेक साहू ने अपनी सफाई में कहा कि वे छुट्टी पर थे और इसकी सूचना प्राचार्य को दे चुकी थी।

नए परीक्षा केंद्र की व्यवस्था

मिनी माता कॉलेज लोरमी के 213 छात्र अब 28 मार्च को अपनी परीक्षा शासकीय राजीव गांधी कॉलेज लोरमी में देंगे। विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के लिए नए एडमिट कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है। छात्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नया प्रवेश पत्र डाउनलोड करके समय से नये परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार का बयान

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उड़नदस्ता दल ने 9 मोबाइल जब्त किए हैं। इस सामूहिक नकल की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा केंद्र को तुरंत निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेज प्रबंधन से 7 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल छात्रों के लिए चिंता का विषय है बल्कि यह पूरी शिक्षा प्रणाली की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है। ऐसे मामले में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसे नकारात्मक घटनाओं को रोका जा सके। शिक्षा में नैतिकता और ईमानदारी बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षक, छात्र और प्रबंधन को मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

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