ब्रेकिंग न्यूज: नकली सोने के साथ ठगी की कोशिश, दंपत्ति गिरफ्तार
बिलासपुर, 13 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा बाजार में एक दंपत्ति ने नकली सोना खपाने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय ज्वेलर की सतर्कता से उनका यह मंसूबा सफल नहीं हो सका। दंपत्ति मौके से फरार हो गए, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी की योजना का पर्दाफाश
सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि स्थानीय ज्वेलर जलेश कुमार आहिरे ने 10 अप्रैल को शाम के समय दुकान में एक महिला को देखा, जिसने अपने आप को पूनम वर्मा बताया। पूनम ने ज्वेलर को विश्वास दिलाने के लिए अपने पास रखे टॉप्स और अंगूठी को 18 कैरेट सोना बताकर बदले जाने की बात की। जलेश को इन आभूषणों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने उन्हें मशीन से जांचने का निर्णय लिया।
जांच के परिणाम ने सभी को चौंका दिया – टॉप्स और अंगूठी नकली निकलीं। जलेश ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, पर तब तक ठग दंपत्ति वहां से भाग चुके थे।
पुलिस की मुस्तैदी से हुई गिरफ्तारी
ज्वेलर द्वारा दी गई सूचना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दंपत्ति के ठिकाने का पता लगाया। अन्वेषण के दौरान, जांच टीम ने पूनम वर्मा और उसके पति संजय वर्मा को सदर बाजार में उनके बच्चे के साथ देखा। पूछताछ के बाद दोनों को उनकी पहचान के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने उनसे नकली सोने के एक जोड़ी टॉप्स (वजन 4 ग्राम 230 मिलीग्राम) और एक अंगूठी (वजन 3 ग्राम 100 मिलीग्राम) बरामद की। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के ग्राम भूलनपुर के निवासी हैं।
निष्कर्ष
इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों के बीच सतर्कता और सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। नकली आभूषणों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस और व्यापारी मिलकर ठगी के प्रयासों को विफल करने में सक्षम हैं। अब आरोपी जेल में हैं और उनकी संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ आगे की जांच जारी है। स्थानीय लोग इस अग्निकांड से सबक लेते हुए और भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बिलासपुर पुलिस उम्मीद करती है कि इस तरह की कार्रवाई से शहर में आभूषण कारोबारियों के बीच विश्वास बना रहेगा और कोई भी व्यक्ति ठगी की चपेट में नहीं आएगा।
