ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ जल्द होगा नक्सल मुक्त!
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त हो जाएगा। पिछले दो वर्षों में अधिकांश नक्सलियों का सफाया किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, अब केवल कुछ ही नक्सली सक्रिय हैं, जिनकी संख्या इतनी कम रह गई है कि 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है।
नक्सल हिंसा में शहादत
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल हिंसा से प्रभावित वीर जवानों की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। 25 वर्षों में करीब 1425 जवानों ने अपनी जान दी, जिनमें छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य बल शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ी घटना ताड़मेटला में हुई, जहां नक्सलियों ने 76 जवानों की जान ली।
शहीदों की अनगिनत कहानियाँ
नक्सल हिंसा में छत्तीसगढ़ में एक पुलिस अधीक्षक सहित कई अन्य अधिकारियों की जान गई है। एसपी विनोद चौबे, जिन्होंने अपने घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने के बाद खुद को सामने रखते हुए कई नक्सलियों को ढेर किया, शहीद हो गए। ऐसे ही कई जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की है। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के 861 जवानों ने भी अपने प्रदेश के लिए बलिदान दिया।
अन्य राज्यों के जवानों की कुर्बानियाँ
छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने की लड़ाई में अन्य राज्यों के जवानों ने भी अपने प्राणों की बाज़ी लगाई। उत्तर प्रदेश के 129, बिहार के 57, मध्य प्रदेश के 47 और राजस्थान के 34 जवानों ने नक्सल हिंसा में अपनी जान दी। इस तरह, विभिन्न राज्यों के जवानों का सहयोग नक्सलियों के खिलाफ इस संघर्ष में महत्वपूर्ण रहा है।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान की प्रक्रिया भले ही तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इस संघर्ष में चुकाई गई कीमत भुला दी जानी चाहिए। शहीद जवानों की कुर्बानियों को कभी नहीं भुलाया जाएगा। इससे यह याद दिलाने का अवसर मिलता है कि देश की सुरक्षा और समाज की भलाई के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति हमारी कृतज्ञता हमेशा बनी रहनी चाहिए।