ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की मौत पर उठे गंभीर सवाल
रायपुर। 10 अप्रैल 2026 – छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की मौत का मामला अब गंभीर विवाद का कारण बनता जा रहा है। विधायक शेषराज हरवंश ने विधानसभा में वन्यजीवों की मौत की जानकारी मांगी थी, जिसे वन विभाग ने बैठक के दौरान प्रस्तुत किया। हालाँकि, जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उसी जानकारी के लिए आवेदन किया, तो वन विभाग ने उसे गोपनीय बताते हुए जानकारी देने से इंकार कर दिया।
विधायक के सवालों के जवाब
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक शेषराज हरवंश के द्वारा पूछे गए प्रश्न क्रमांक 1641 के उत्तर में वन मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच 9 बाघ, 38 हाथी और कुल 562 वन्यजीवों की "अस्वाभाविक मौत" हुई है। इस सूचना को सार्वजनिक रूप से वन मंत्री ने विधानसभा में रखा। हालांकि, जब आम नागरिक ने इसी सूचना के लिए आरटीआई के तहत आवेदन किया, तो वन विभाग ने धारा 8(1)(क) का हवाला देते हुए सूचना देने से मना कर दिया।
मौतों के आंकड़ों में discrepancies
रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने बताया कि विधानसभा में बताया गया कि 38 हाथियों की मौत हुई, लेकिन आरटीआई के जवाब में यह संख्या केवल 36 बताई गई। इसी तरह, विधानसभा में 9 बाघों की मौत का जिक्र था जबकि आरटीआई के डेटा के अनुसार, केवल 2 बाघों की अवैध हत्या का ही जिक्र किया गया। सिंघवी ने कहा कि उन्हें यह जानने की आवश्यकता है कि बाकी बाघ और हाथी कब, कहां और किस कारण से मरे।
संविधान के अंतर्गत जानकारी का अस्वीकार
आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(क) के अनुसार कुछ सूचनाएँ गोपनीय रखी जा सकती हैं, लेकिन विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विधानसभा में दी गई जानकारी को आरटीआई के तहत सार्वजनिक करने से छत्तीसगढ़ राज्य की सुरक्षा या किसी अन्य पहलू पर नकारात्मक प्रभाव कैसे पड़ेगा।
निष्कर्ष
सवाल उठता है कि जो जानकारी पहले ही विधानसभा में सामान्य जनता के सामने रखी जा चुकी है, वही अचानक गोपनीय कैसे हो गई? यह स्थिति छत्तीसगढ़ की वन्यजीव प्रबंधन नीति पर संदेह पैदा करती है। क्या इस संदर्भ में एक व्यापक जांच की आवश्यकता है? इस मुद्दे पर नागरिकों का ध्यान आकर्षित करना और सही जानकारी की मांग करना बेहद जरूरी है।
