BREAKING 🔴 छत्तीसगढ़ में बड़ी खबर – नई योजना लागू | 🟡 खेल: भारत की शानदार जीत | 🔵 मनोरंजन: नई फिल्म रिलीज | 🟢 WebMorcha पर पढ़ें ताजा खबरें

किसानों की बल्ले-बल्ले: बुधवार को मिलेगी सम्मान राशि, 21वीं किश्त जारी होगी

नई दिल्ली/कोयंबटूर। देशभर के करोड़ों किसानों के लिए कल बुधवार बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 19 नवंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे। केंद्र सरकार इस मौके पर देश के 9 करोड़ किसानों को लगभग 18,000 करोड़ रुपए की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजेगी।
हर पात्र किसान को इस बार भी 2,000 रुपये की किस्त प्राप्त होगी।


PM Kisan Utsav Diwas: देशभर में होगा लाइव प्रसारण

कोयंबटूर में आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। पीएम मोदी यहां से किसानों को संबोधित करेंगे, जिसका लाइव प्रसारण—

  • सभी जिलों के कलेक्ट्रेट सभागारों

  • पंचायत भवनों

  • कृषि विज्ञान केंद्रों

  • मंडियों

  • किसान समृद्धि केंद्रों

  • कृषि विश्वविद्यालयों

में किया जाएगा, ताकि किसान सीधे प्रधानमंत्री का संदेश सुन सकें।


किस किसानों को नहीं मिलेगी 21वीं किस्त?

केंद्र सरकार के अनुसार, चार राज्यों के किसानों को यह किस्त पहले ही भेजी जा चुकी है। ये राज्य हैं—

  • पंजाब

  • हिमाचल प्रदेश

  • उत्तराखंड

  • जम्मू-कश्मीर

इन राज्यों के कुल 35.54 लाख किसानों को सितंबर–अक्टूबर 2025 में ही एडवांस किस्त मिल चुकी है।
इसलिए 19 नवंबर को इन किसानों को दोबारा राशि नहीं मिलेगी।
बाकी सभी राज्यों के पात्र किसानों के खाते में आज किस्त पहुँचेगी।


किसान कैसे बन सकते हैं इस खास दिन का हिस्सा?

केंद्र सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी आयोजन स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम से जुड़ें। किसान यहां—

  • PM का लाइव संबोधन

  • लाइव किस्त ट्रांसफर

  • सरकारी योजनाओं की जानकारी

सीधे देख और सुन सकेंगे। यह कार्यक्रम किसानों के सम्मान और कृषि सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।


तमिलनाडु दौरे पर होंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी आज कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन (South India Natural Farming Summit) में भी शामिल होंगे।

इस शिखर सम्मेलन की प्रमुख बातें:

  • किसानों के संघों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन

  • दक्षिणी राज्यों के प्राकृतिक एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ 50 वैज्ञानिकों से पीएम की चर्चा

  • 300 स्टॉलों वाली प्रदर्शनी

  • वैज्ञानिकों व नीति-निर्माताओं के साथ बातचीत

  • प्राकृतिक और पुनर्योजी खेती को बढ़ावा देने पर नीति निर्माण

  • युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

  • Indian Natural Farming Rice और पारंपरिक कृषि विकास योजना को प्रमुखता

यह कार्यक्रम प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

🙏 WebMorcha को सपोर्ट करें

आपका छोटा सहयोग बड़ी पत्रकारिता

💰 अपनी पसंद से सहयोग करें
📲 इस खबर को तुरंत शेयर करें

🚨 ताजा खबर सबसे पहले पाएं!

WhatsApp से भी तेज अपडेट के लिए अभी Telegram जॉइन करें

👉 Join Telegram Channel
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com