Sheikh Hasina Verdict Live: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता-विरोधी अपराधों में मौत की सजा, देशभर में तनाव

ढाका। बांग्लादेश की राजनीति के सबसे बड़े और विवादित मुकदमों में से एक का अंत आज एक ऐतिहासिक लेकिन चौंकाने वाले फैसले के साथ हुआ। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल-1 (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को जुलाई–अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, हत्याओं और दमनात्मक कार्रवाई में मानवता-विरोधी अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।

अदालत में जैसे ही फैसला पढ़ा गया, कोर्ट कक्ष तालियों से गूंज उठा, जबकि पीड़ित परिवारों के कई सदस्य फफककर रो पड़े। फैसले को लेकर राजधानी ढाका में सुरक्षा व्यवस्था को सबसे ऊंचे स्तर पर रखा गया है।


🔴 400 पन्नों के फैसले में हसीना को ‘मास्टरमाइंड’ बताया

तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि शेख हसीना ने:

  • व्यापक हत्याओं के आदेश दिए

  • आंदोलन को दबाने के लिए घातक हिंसा का इस्तेमाल मंजूर किया

  • और हत्याओं को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया

ट्राइब्यूनल ने बताया कि हसीना के खिलाफ 10,000 पन्नों का दस्तावेजी रिकॉर्ड, 80 से अधिक गवाह, वीडियो–ऑडियो सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट मौजूद हैं।

हसीना और पूर्व गृहमंत्री असदुज्जामान खान कमाल, दोनों को भगोड़ा घोषित किया गया है, इसलिए फैसला गैरमौजूदगी में सुनाया गया।


🔴 जुलाई–अगस्त 2024 की हिंसा: बम हमले, आगजनी और सैकड़ों मौतें

अदालत ने दर्ज किया कि आंदोलन के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे गए।
हसीना पर आरोप है कि उन्होंने:

  • भीड़ पर गोलीबारी

  • हेलिकॉप्टर और ड्रोन से हमले

  • और खुफिया एजेंसियों के जरिए दमनात्मक कार्रवाई की अनुमति दी।

ढाका में पिछले सप्ताह 40 से ज्यादा आगजनी और बम धमाकों के बाद प्रशासन ने पुलिस को आदेश दिया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंसा की कोशिश करे तो सीधे गोली चलाई जाए।


🔴 ICT ने तय किए हसीना के खिलाफ पांच बड़े आरोप

ट्राइब्यूनल ने पांच मुख्य आरोप पढ़े:

  1. ढाका में बड़े पैमाने पर हत्या की योजना और निर्देशन

  2. हेलिकॉप्टर व ड्रोन से हमलों की अनुमति

  3. छात्र नेता अबू सैयद की हत्या में भूमिका

  4. अशुलिया में शव जलाने के आदेश, सबूत मिटाने की साजिश

  5. चांखारपुल में प्रदर्शनकारियों पर समन्वित हमले


🔴 पूर्व गृह मंत्री कमाल को भी मौत की सजा, पूर्व पुलिस प्रमुख मामून को 5 साल की जेल

ICT ने हसीना के साथ ट्रायल में शामिल पूर्व गृहमंत्री असदुज्जामान खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई है।
जबकि पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्लाह अल-मामून को फांसी से राहत देते हुए 5 साल की सजा दी गई है। वे इस केस में पहले आरोपी हैं जिन्होंने राज्य गवाह बनकर गवाही दी।


🔵 हसीना का पलटवार: ‘हिम्मत हो तो ICC ले जाओ मामला’

फैसले से पहले जारी वीडियो संदेश में शेख हसीना ने आरोपों को झूठा और राजनीतिक बदले की कार्यवाही बताया।
उन्होंने कहा:

  • ICT न्यायालय नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध का मंच बन चुका है

  • अवामी लीग समर्थक न्यायाधीशों को हटाया गया

  • विपक्षी दलों पर लगे गंभीर आरोपों की जांच रोक दी गई

  • “मेरी दोषसिद्धि पहले से तय थी”

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) को चुनौती देते हुए कहा:
“अगर दम है तो ICC में केस ले जाएं… वहां मैं बरी हो जाऊंगी।”

हसीना ने दावा किया कि अंतरिम सरकार के उग्रवादी तत्व उनका “राजनीतिक सफाया” करना चाहते हैं।


🔵 अपील तभी संभव जब हसीना आत्मसमर्पण करें

अभियोजकों के अनुसार, बांग्लादेशी कानून में हसीना तब तक हाई कोर्ट में अपील नहीं कर सकतीं,

  • जब तक आत्मसमर्पण न करें,
    या

  • 30 दिनों के भीतर गिरफ्तार न हो जाएं


🔴 बांग्लादेश में तनाव चरम पर

फैसले के बाद पूरे देश में तनाव बढ़ गया है। ढाका और आसपास के जिलों में अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

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