असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगा आरोप: चलती बस में महिला से अश्लील हरकत, छात्रों ने उठाए विरोध के स्वर!

ब्रेकिंग न्यूज: महिला पर चलती बस में अश्लील हरकत, असिस्टेंट प्रोफेसर पर FIR

मैहर, 24 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद शर्मनाक घटना की खबर सामने आई है। अमरपाटन पीजी कॉलेज में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक सिन्हा पर एक महिला के साथ चलती बस में अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आलोक सिन्हा के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। वहीं, कॉलेज के छात्रों ने भी इस मामले में अपनी आवाज उठाते हुए आरोपी के इस्तीफे की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, सोमवार को एक महिला सतना से बस में यात्रा कर रही थी। यात्रा के दौरान भटनवारा से अमरपाटन पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक सिन्हा उसके बगल में बैठ गए। शुरू में आलोक ने महिला से बातचीत की, लेकिन बाद में उन्होंने असभ्य और अश्लील हरकत शुरू कर दी। महिला ने इस कृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली, जिससे बाद में सच्चाई सामने आई।

जान से मारने की दी धमकी

इस घटना के बाद, आरोपी आलोक सिन्हा ने महिला पर समझौते का दबाव बनाने का प्रयास किया। जब महिला ने उसकी बात मानने से इनकार किया, तो वह उसे जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गया। इससे पहले कि महिला कुछ कर पाती, उसने अन्य बस सवार छात्रों से जानकारी मांगी, जिससे पता चला कि आलोक सिन्हा अमरपाटन पीजी कॉलेज का असिस्टेंट प्रोफेसर है।

कौन सी धारा लगी?

महिला ने तुरंत अमरपाटन पहुंचते ही थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने वीडियो क्लिप भी दिखाई। पुलिस ने उस शिकायत के आधार पर आलोक सिन्हा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294 (अश्लीलता) और धारा 351 (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू कर दी है।

छात्र-छात्राओं ने खोला मोर्चा

इस घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। छात्र-छात्राओं ने अमरपाटन पीजी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों के सामने धरना देते हुए तहसीलदार आरडी साकेत को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने आलोक सिन्हा पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। छात्र समुदाय ने यह भी कहा है कि जब तक प्रोफेसर का इस्तीफा नहीं लिया जाता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल एक शिक्षण संस्थान की स्थिति को संदेह में डालती है, बल्कि यह समाज में मौजूदा असभ्यता की भी एक स्पष्ट तस्वीर पेश करती है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जरूरत है, ताकि अन्य आरोपी ऐसा करने से पहले सोचें। समाज को इन मुद्दों को गंभीरता से लेना होगा और शिकारियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा।

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