बड़ी खबर: भारत में समुद्री सहयोग को और मजबूत करने के लिए हापाग-लॉइड और भारतीय सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर
जर्मन कंटेनर लाइन हापाग-लॉइड और भारतीय सरकार ने समुद्री सहयोग को बढ़ाने और भारत के शिपिंग तथा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विकास का समर्थन करने के लिए तीन पत्रों पर सहमति जताई है। यह समझौता नए अवसरों की खोज में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समुद्री सहयोग का विस्तृत खाका
इस समझौते में जहाजों के रिफ्लैगिंग, टिकाऊ जहाज रिसाइक्लिंग क्षमता के विकास और वाधवन पोर्ट के विकास से संबंधित रणनीतिक सहयोग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग का उल्लेख किया गया है।
हापाग-लॉइड का इरादा भारतीय रजिस्ट्र्री के तहत चार जहाजों के रिफ्लैगिंग की संभावना का अन्वेषण करना है। हालांकि, इस चरण में कोई विशेष समय सीमा, जहाजों का प्रोफ़ाइल या क्षमता की सीमा निर्धारित नहीं की गई है। कंपनी के अनुसार, रिफ्लैगिंग की प्रक्रिया आगे की चर्चा, आंतरिक मूल्यांकन, व्यावसायिक विचार और लागू कानूनी एवं नियामक आवश्यकताओं के अधीन रहेगी।
रिसाइक्लिंग के लिए नए मानक
समझौते में भारत में एक जहाज रिसाइक्लिंग पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर भी ध्यान दिया गया है, जिसका उद्देश्य यूरोपीय संघ के जहाज रिसाइक्लिंग विनियमन (SRR) मानकों को पूरा करना है। यह पारिस्थितिकी तंत्र 100 जहाजों के रिसाइक्लिंग की क्षमता प्रदान करने की योजना बना रहा है।
इसके अतिरिक्त, समझौते में वाधवन पोर्ट के विकास से संबंधित रणनीतिक सहयोग ढांचे पर चर्चा का भी उल्लेख है, जो जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण के सहयोग से आगे बढ़ेगा।
भारत में हापाग-लॉइड की स्थिति
हापाग-लॉइड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोल्फ हैब्बेन जान्सेन ने कहा, "भारत वैश्विक व्यापार में सबसे महत्वपूर्ण विकास बाजारों में से एक है और हापाग-लॉइड के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। इस पत्र के माध्यम से, हम अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं और देश की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करना चाहते हैं।"
हापाग-लॉइड भारत में चार व्यवसायिक इकाइयों में 2,800 से अधिक कर्मचारियों के साथ कार्यरत है। इसके पास देश भर में 17 कार्यालय और प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्गों को भारत से जोड़ने के लिए 6 विशेष लाइनर सेवाएं हैं। कंपनी ने भारत में निजी टर्मिनल और इनलैंड ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदाता जे एम बक्सी पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड में भी निवेश किया है।
जे एम बक्सी भारत में कंटेनर टर्मिनल, इनलैंड कंटेनर डिपो, कंटेनर फ्रेट स्टेशनों और रेल सेवाओं का संचालन करता है। यह लगभग 7,000 लोगों को रोजगार देता है और वार्षिक रूप से लगभग 3.2 मिलियन TEU का हैंडलिंग करता है।
हापाग-लॉइड का उद्देश्य 2030 तक भारत क्षेत्र में हैंडल की जाने वाली मात्रा को लगभग 3 मिलियन TEU तक बढ़ाना है, जो इसके रणनीति 2030 का हिस्सा है।
इस समझौते से ना केवल भारत के शिपिंग उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी समुद्री संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
