महासमुंद में भट्ठा दलालों की बढ़ती सक्रियता: पलायन रोकने में शासन-प्रशासन असफल

महासमुंद: दीपावली के बाद जिले में मजदूरों का पलायन एक बार फिर बढ़ गया है। पिथौरा क्षेत्र से सैकड़ों मजदूरों का जत्था उत्तर प्रदेश के ईंटभट्ठों में काम के लिए रवाना हुआ है। जिले में पलायन रोकने में शासन-प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, भट्ठा दलालों की संख्या जिले में लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में दो दर्जन से अधिक लोग इस अवैध काम में सक्रिय हैं। जिले के अलावा सीमावर्ती ओडिशा के खरियार रोड से भी दलाल छत्तीसगढ़ के मजदूरों को बाहर भेजने का काम कर रहे हैं।

पलायन से दलालों की मोटी कमाई
हर साल की तरह इस साल भी पलायन का सिलसिला जारी है। मजदूरों के पलायन से भट्ठा सरदारी कर रहे दलालों को भारी लाभ होता है। जितने मजदूर पलायन नहीं करते, उनसे कमाई नहीं हो पाती, लेकिन दलाल उनके जरिए दोगुनी कमाई कर लेते हैं।

भट्ठा दलालों की सूची:

  • लोकेश पटेल, भुरकोनी

  • राजेश अग्रवाल, पिथौरा

  • नंदू महंती, पिथौरा

  • खिलावन टूरीझर

  • दुबेराम साहू, सिंघनपुर

  • संतोष अग्रवाल, तेन्दूकोना

  • जगत गुप्ता, बाम्हनडीह

  • देवप्रसाद तिवारी

  • घनश्याम साहू, भरूवामुड़ा

  • देवा पटेल, दुरगापाली

  • नरेंद्र सेन, अमलीडीह

  • रतन लोहार

ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र के दलाल:

  • बोधनकर

  • मुकेश चंद्राकर

  • पवन चंद्राकर

  • विद्वाचरण बंजारा
  • रामचरण राजपूत

पलायन रोकने और मजदूर सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन को त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है, नहीं तो भट्ठा दलालों की सक्रियता और बढ़ती जाएगी।

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