ब्रेकिंग न्यूज़: कबीरधाम में धान खरीदी में बड़ा घोटाला, प्रभारी गिरफ्तार
कबीरधाम, छत्तीसगढ़: कबीरधाम जिले में धान खरीदी प्रभारी विवेक चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने धान खरीदी में 70 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी की है। यह मामला तब उजागर हुआ जब शिकायतकर्ता राजेन्द्र कुमार डाहिरे ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव की कुण्डा शाखा में शिकायत दर्ज कराई।
जानिए पूरा मामला
विवेक चंद्राकर के खिलाफ मामला उस समय शुरू हुआ जब सेवा सहकारी समिति मर्यादित अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र पेण्ड्रीकला का निरीक्षण किया गया। 12 जनवरी 2025 की स्थिति में कुल 23,319.20 क्विंटल धान खरीदने का आंकड़ा दर्ज किया गया था, जिसमें से 3,880 क्विंटल धान का उठाव किया गया था। जब बचे हुए 19,439.20 क्विंटल धान की जांच की गई, तो केवल 17,439.20 क्विंटल ही केंद्र में मौजूद मिला। इस प्रकार, 2,272.00 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी शासकीय मूल्य 70,43,200 रुपये आंकी गई। विवेक चंद्राकर ने तौल पत्रक और रजिस्टर में हेराफेरी करके इस सरकारी धन की हानि की थी।
थाने में दर्ज अपराध
इस मामले में थाना कुण्डा में अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(3), 316(5), 318(4), 336(3), 338, और 340 के अंतर्गत आरोप दर्ज किया गया है। विवेक चंद्राकर ने पूछताछ के दौरान रिकॉर्ड में हेराफेरी करने की बात स्वीकार की है, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
पुलिस ने विवेक चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक जयराम यादव, प्रधान आरक्षक मुकेश राजूपत, संजय मरावी, जयंती पटेल और जेठूराम का विशेष योगदान रहा है।
निष्कर्ष
कबीरधाम जिले में धान खरीदी में हुई इस बड़ी गड़बड़ी ने कृषि और सहकारी समितियों में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और कहानी को उजागर किया है। इस प्रकार के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है ताकि सरकारी धन की हानि रोकी जा सके और किसानों के हितों की रक्षा हो सके। सरकारी तंत्र में नफरत और धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि ऐसे शोचनीय कार्यों को रोका जा सके।
