ब्रेकिंग न्यूज़: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम, 68 लाख महिला लाभार्थियों के खाते सस्पेंड
मुंबई/रायपुर, 2 अप्रैल। महाराष्ट्र सरकार ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 68 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई उन खातों पर की गई है, जिन्होंने समय सीमा 31 मार्च 2026 तक e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की। इस निर्णय के परिणामस्वरूप योजना के सक्रिय लाभार्थियों की संख्या 2.43 करोड़ से घटकर 1.75 करोड़ हो गई है।
अपात्र और सरकारी कर्मचारियों पर कड़ी नजर
महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने बताया कि इस ड्राइव का मुख्य उद्देश्य योजना में हो रही अनियमितताओं को रोकना है। जांच के दौरान यह पाया गया कि कई महिलाएं, जो योजना की पात्रता को पूरा नहीं करती थीं, वे 1500 रुपये की मासिक किस्त ले रही थीं। तथ्य यह है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों के नाम भी लाभार्थी सूची में शामिल थे। इस स्थिति को सुधारने के लिए, सरकार ने e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य किया है ताकि केवल जरूरतमंद महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुँच सके।
e-KYC की समय सीमा बढ़ाई
खातें सस्पेंड होने के बाद प्रभावित महिलाओं के लिए सरकार ने राहत देते हुए e-KYC प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है। जिन महिलाओं के खातों को रोक दिया गया है, वे इस समयसीमा के भीतर अपना वेरिफिकेशन पूरा कर सकती हैं। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके बैंक खाते फिर से सक्रिय कर दिए जाएंगे और बकाया लाभ भी जारी किया जाएगा।
खजाने पर बड़ी बचत की उम्मीद
लाडकी बहिन योजना के तहत 2.5 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। वर्तमान में, इस योजना पर सरकारी खजाने से लगभग 3700 करोड़ रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहा है। 68 लाख अपात्र या असत्यापित खातों के बंद होने से खजाने पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 अप्रैल के बाद भी जो लाभार्थी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उन्हें योजना से स्थायी तौर पर बाहर किया जा सकता है। इसलिए, सभी को सलाह दी जाती है कि वे नजदीकी ‘सेतु केंद्र’ या आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से जल्द से जल्द अपना आधार वेरिफिकेशन और e-KYC प्रक्रिया पूरी करें, ताकि मई महीने की किस्त में कोई व्यवधान न आए।
इस प्रकार, महाराष्ट्र सरकार की यह पहल समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को वास्तविक लाभ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
