ब्रेकिंग न्यूज: गाजा में बिजली संकट ने स्थानीय निवासी की जिंदगी को बनाया मुश्किल
गाजा के डीर एल-बला में, एक familia का जीवन बिजली की कमी के चलते कठिनाइयों से भर गया है। अब्बास करीम सलमान, अपने परिवार के लिए रोशनी जुटाने के लिए संघर्षरत हैं।
बुनियादी जरूरतों की कमी
28 वर्षीय अब्देल करीम सलमान, गाजा के डीर एल-बला में अपने परिवार के साथ एक तंबू में रह रहे हैं। उनका जीवन एक चुनौती बन गया है। वह हर सुबह अपनी और पत्नी की पूरी तरह से डिस्चार्ज हुई फोन लेकर चार्जिंग पॉइंट पर जाते हैं। पिछले एक साल से उन्होंने अपने परिवार के साथ विस्थापित होकर यहां प्रवास किया है, जब उनके घर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया था।
अब्देल करीम चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं, जहां मौलिक सुविधाओं का अभाव है। उन्हें अपने बच्चों की रात में डरावनी स्थिति से बचाने के लिए फोन की टॉर्च का सहारा लेना पड़ता है। "बिजली कट जाने से हमें अंधकार में सोना पड़ता है," अब्देल करीम बताते हैं।
अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
बिजली की कमी ने केवल रोशनी को ही नहीं बल्कि खाद्य और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित किया है। वे अपने फोन को चार्ज करने के लिए हर दिन 150 से 200 मीटर चलकर जाते हैं, जिसमें उन्हें करीब 8 से 10 शेकेल खर्च करने पड़ते हैं। यह खर्च उनके लिए भारी बोझ बन गया है, खासकर जब उनकी आमदनी सीमित है।
"हमारे पास ऐसे कई दिन होते हैं जब हमें अंधेरे में सोना पड़ता है। कई बार फोन चार्ज नहीं हो पाते और अंधेरे में रहना पड़ता है," वह बताते हैं।
झेलने की क्षमता का अंत
गाजा में पहले से ही बिजली की कमी थी, और अब युद्ध के चलते हालात और भी खराब हो गए हैं। यह सिर्फ रोशनी का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसने जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। बच्चों को बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक मनोरंजन के रहना पड़ता है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
"यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब हमें अपनी जरूरत की चीजें हासिल करना मुश्किल हो गया है। अब हमें अपने जीवनशैली में एक स्थायी हल की आवश्यकता है," अब्देल करीम कहते हैं।
आर्थिक संकट ने उन्हें और उनके जैसे हजारों लोगों को एक गंभीर स्थिति में डाल दिया है। गाजा में बिजली ना होने के कारण, उत्पादन का स्तर गिर गया है और इसके पीछे का कारण युद्ध के चलते वस्तुओं की रुखाई और आपूर्ति में रुकावट है।
अब्देल करीम की कहानी केवल उनकी नहीं है, बल्कि यह गाजा में लगभग सभी परिवारों के लिए एक साझा अनुभव बन गया है। "हमें उम्मीद है कि किसी दिन यह संकट समाप्त होगा और हमें सामान्य जीवन जीने का मौका मिलेगा," वह अपने भविष्य को लेकर आशा व्यक्त करते हैं।
