महासमुंद धान घोटाला: जांच में पकड़ी गई बड़ी अनियमितता, FIR दर्ज करने के निर्देश

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महासमुंद। जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित सिंगबहाल (पंजीयन क्रमांक 860) के धान उपार्जन केंद्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में धान की हेराफेरी कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हुई है। मामले में दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

📌 कैसे सामने आया मामला

दिनांक 20 दिसंबर 2025 की शाम लगभग 6 बजे, सिंगबहाल धान उपार्जन केंद्र में धान की हेराफेरी की सूचना मिलने पर खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, तहसीलदार श्रीधर पंडा एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर शाखा सरायपाली के पर्यवेक्षक संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचे।

जांच के दौरान उपार्जन केंद्र प्रभारी बुद्धिवंत प्रधान से DO, DM, राइस मिलर गेट पास एवं तौल पत्रक प्रस्तुत करने को कहा गया, जिसे उनके द्वारा उपलब्ध कराया गया।

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🚛 जांच में क्या पाया गया

जांच में यह तथ्य सामने आया कि—

  • DO के अनुसार श्री भोलेनाथ इंडस्ट्रीज, छुईपाली के नाम 350 क्विंटल धान जारी किया गया था।

  • DM में कुल 875 बोरा धान दर्शाया गया।

  • लेकिन मौके पर ट्रक क्रमांक CG 06 HB 4361 में केवल 500 बोरी धान लोड पाया गया।

यह स्पष्ट रूप से तय मात्रा से कम धान भेजने और दस्तावेजों में हेराफेरी का मामला पाया गया।

👥 इनकी संलिप्तता पाई गई

जांच प्रतिवेदन के अनुसार इस अनियमितता में निम्न व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई है—

  1. बुद्धिवंत प्रधान, पिता लिंगराज प्रधान, उम्र 36 वर्ष, निवासी कोईलबहाल

  2. हेमंत साहु, पिता रिमांच साहु, उम्र 31 वर्ष, निवासी कोईलबहाल

  3. गिरिजाशंकर भोई, पिता विजय कुमार भोई, उम्र 37 वर्ष, निवासी बलेंडा

  4. आशीष अग्रवाल, निवासी छुईपाली, थाना सिंघोडा, जिला महासमुंद (संचालक – भोलेनाथ इंडस्ट्रीज)

जांच में यह भी सामने आया कि मिल संचालक आशीष अग्रवाल इस पूरे कृत्य में सक्रिय रूप से सहभागी थे।

📄 दस्तावेज और CCTV की भी जांच

संयुक्त जांच दल द्वारा—

  • ट्रांसपोर्ट दस्तावेज

  • उपार्जन रजिस्टर

  • संबंधित रिकॉर्ड

  • CCTV फुटेज

की जांच की गई, जिसमें जानबूझकर तय DM से कम धान लोड कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने की मंशा प्रमाणित हुई।

⚖️ FIR दर्ज करने के निर्देश

इस संबंध में उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला महासमुंद द्वारा पत्र क्रमांक
उ.स.म./धान उपार्जन/2025/1726, दिनांक 21.12.2025
के माध्यम से संबंधित थाने में दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही इस कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

📤 प्रतिलिपि

इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर (खाद्य शाखा), जिला महासमुंद को भी सूचनार्थ भेजी गई है।

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