ब्रेकिंग न्यूज़: रायपुर में पुलिस कस्टडी से नाबालिगों का फरार होना बना चर्चा का विषय
रायपुर, 29 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चोरी के आरोप में पकड़े गए तीन नाबालिगों ने पुलिस कस्टडी से भागने की एक हैरान कर देने वाली घटना को अंजाम दिया। यह घटना शनिवार को उस समय हुई जब इन नाबालिगों को बाल न्यायालय ले जाया जा रहा था।
कैसे रची भागने की साजिश?
उरला थाना क्षेत्र में पुलिस ने तीन नाबालिगों को 16 से 17 साल की उम्र में हिरासत में लिया था। इनका गिरफ्तार होना एक चोरी के मामले में हुआ था। जब पुलिस इनको नई बोलेरो गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी, तब इन नाबालिगों ने यह जान लिया कि गाड़ी का लॉक बाहर से बंद होने के बावजूद अंदर से खुल जाता है। इस सूचना को उन्होंने अपनी भागने की योजना के लिए इस्तेमाल किया।
एक पकड़ाया, दो फरार
गाड़ी जब बीरगांव के शुभम मार्ट के पास पहुंची, तो नाबालिगों ने मौका देखकर गाड़ी का लॉक खोलकर कूदने का निर्णय लिया। उन्होंने एक साथ कूदकर स्थानीय गलियों में भागना शुरू कर दिया। पुलिस ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान केवल एक नाबालिग को हिरासत में लिया जा सका। बाकी दो नाबालिग अंधेरी और तंग गलियों का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
यह कोई नया मामला नहीं है, जब रायपुर में पुलिस कस्टडी से आरोपी भाग रहे हैं। इससे पहले 24 मार्च को मेकाहारा से एक और कैदी साहेब कुमार ताती फरार हो गया था। उसे अपनी तबियत खराब होने के कारण अस्पताल लाया गया था, जहां दो जेल प्रहरियों को चकमा देकर वह भाग निकला। इस घटना की जांच में सुरक्षा में लापरवाही के आरोप में दो जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया था।
निष्कर्ष
रायपुर में नाबालिगों का इस प्रकार से फरार होना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि इसे लेकर पुलिस की सुरक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। बार-बार इस तरह की घटनाओं के होने से नागरिकों के मन में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। पुलिस अब इन फरार नाबालिगों की खोज में जुट गई है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पकड़ कर न्याय के समक्ष पेश किया जा सके। यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक है, कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
