ब्रेकिंग न्यूज: बिहार के आगामी मुख्यमंत्री पर चर्चा तेज़
बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है। यह कदम तब उठाया गया, जब उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, नीतीश कुमार ने अभी तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वह जल्द ही इस पद को छोड़ सकते हैं। इसी बीच, पटना से दिल्ली तक इस बात की चर्चा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
लखेंद्र पासवान का नाम चर्चा में
बिहार के आगामी मुख्यमंत्री के लिए कई नामों पर विचार-विमर्श हो रहा है। लेकिन द हिंदू की हालिया रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बीजेपी के दो बार के विधायक लखेंद्र पासवान मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे हैं। लखेंद्र पासवान, जो एक दलित नेता हैं, को जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। उनके नाम के सामने आने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, और सवाल उठने लगे हैं कि क्या बीजेपी एक नए चेहरे पर दांव लगाने जा रही है।
नीतीश कुमार और लखेंद्र पासवान की मीटिंग
नीतीश कुमार और लखेंद्र पासवान के बीच एक गुप्त मुलाकात हुई है। जब लखेंद्र से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे एक औपचारिक मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री को 13 अप्रैल को आयोजित होने वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर समारोह के लिए निमंत्रण देने गए थे। इस समारोह में नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं
लखेंद्र पासवान ने जब उनसे मुख्यमंत्री बनने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद को केवल एक विधायक होने और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें अपेक्षा से अधिक दिया है और वह अपने वर्तमान स्थिति से संतुष्ट हैं। लखेंद्र ने यह भी कहा कि एनडीए का शीर्ष नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री का नाम तय करेगा और सबकुछ शीघ्र स्पष्ट हो जाएगा।
लखेंद्र पासवान: एक परिचय
लखेंद्र पासवान वर्तमान में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री हैं। वह 20 नवंबर 2025 को इस पद पर आए और वैशाली जिले के पातेपुर (एससी) विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुनकर आए हैं। उनके पिता का नाम नागेश्वर पासवान है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। विधायक की कुल संपत्ति लगभग 1.64 करोड़ रुपये है।
एनडीए के घटक दलों की सक्रियता
बिहार की राजनीतिक स्थिति में बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। एनडीए के सभी घटक दल अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। बीजेपी और जेडीयू के शीर्ष नेता लगातार संपर्क में हैं ताकि सत्ता का ट्रांसफर सुचारू रूप से हो सके। आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि बिहार की राजनीति के लिए ये समय अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है। नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति में हो रहे इन बदलावों के बीच, लखेंद्र पासवान का नाम तेजी से उभर रहा है। उनकी संभावनाओं पर चर्चा बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे समय बीतता है, बिहार के अगले मुख्यमंत्री का नाम और राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होती जाएगी।
