ब्रेकिंग न्यूज: पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जबरदस्त क्रूड ऑयल में उछाल
नई दिल्ली, 30 मार्च 2026। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। वेस्ट एशिया में व्याप्त तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है। हालांकि, दिल्ली, मुंबई और नोएडा सहित प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जो आम जनता के लिए राहत की खबर है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि का कारण
इंटरनेशनल मार्केट में जारी राजनीतिक अस्थिरता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। वेस्ट एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और महत्वपूर्ण सप्लाई रूट्स की सुरक्षा में खामी के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें आज 3% की बढ़ोतरी के साथ 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई हैं। पिछले महीने के दौरान ही कच्चे तेल की कीमतों में 50% से अधिक का उछाल देखा गया है। इसके अलावा, WTI क्रूड के कॉन्ट्रैक्ट भी 96 और 102 डॉलर के स्तर को पार कर चुके हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताज़ा दाम
घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में आज सामान्य पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है। प्रीमियम सेगमेंट में, XP95 पेट्रोल ₹101.89 और XG डीजल ₹91.49 प्रति लीटर पर उपलब्ध है। देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के ताज़ा रेट निम्नलिखित हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67
- मुंबई: पेट्रोल ₹103.58, डीजल ₹90.03
- नोएडा: पेट्रोल ₹94.86, डीजल ₹87.95
- पटना: पेट्रोल ₹105.84, डीजल ₹92.04
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹103.29, डीजल ₹91.33
LPG सिलेंडर की कीमतें भी स्थिर
पेट्रोल-डीजल के दामों के साथ-साथ घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें भी आज स्थिर बनी हुई हैं। प्रमुख शहरों में सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं:
- नई दिल्ली: घरेलू सिलेंडर ₹913.00, कमर्शियल सिलेंडर ₹1,884.50
- मुंबई: घरेलू सिलेंडर ₹912.50, कमर्शियल सिलेंडर ₹1,836.00
- कोलकाता: घरेलू सिलेंडर ₹939.00, कमर्शियल सिलेंडर ₹1,988.50
- चennai: घरेलू सिलेंडर ₹928.50, कमर्शियल सिलेंडर ₹2,043.50
निष्कर्ष
हालांकि वैश्विक मार्केट में क्रूड ऑयल के दामों में भारी बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन भारतीय बाजार में फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है तो यह देखना होगा कि क्या तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रख पाती हैं या नहीं। आम जनता को इस स्थिरता से थोड़ी राहत मिली है, जो किसी भी सामान्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
