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नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी इस महीने साइप्रस में होने वाले प्रतिष्ठित कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा लेने को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति में हैं और उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच मेजबान देश में सुरक्षा की स्थिति को लेकर अपनी चिंताओं को फिर से दोहराया है।
विश्व चैंपियनशिप के खिताबों के लिए चुनौती पेश करने वाले खिलाड़ियों का फैसला करने वाला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 28 मार्च से शुरू होना है। पुरुष वर्ग का खिताब भारत के डी गुकेश जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की जू वेनजुन के पास है।
हंपी ने बुधवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मुझे पता है कि मैं अकेले शायद कुछ भी नहीं बदल सकती। लेकिन चाहे मैं कैंडिडेट्स में खेलूं या नहीं खेलूं, मुझे लगता कि जो मैं महसूस करती हूं उसे जाहिर करना जरूरी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी की शुक्रगुजार हूं जिन्होंने अपना समर्थन दिया है। जो लोग इस स्थिति की संवेदनशीलता को नहीं समझ सकते मैं उनके लिए बात यहीं छोड़ देती हूं।’’
इस सप्ताह की शुरुआत में दो बार की महिला विश्व रैपिड चैंपियन और महिला विश्व खिताब की पूर्व चैलेंजर हंपी ने कहा था कि वह यात्रा करने में हिचकिचा रही हैं और टूर्नामेंट से नाम वापस लेने पर विचार कर रही हैं।
इस महीने की शुरुआत में साइप्रस में एक ब्रिटिश हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ था जिससे यह डर पैदा हो गया कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ संघर्ष इस द्वीप पर भी सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
हालांकि शतरंज की वैश्विक संचालन संस्था फिडे के सीईओ एमिल सुतोवस्की ने इन चिंताओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दूर-दूर तक भी ऐसा कुछ भी खतरनाक नहीं है जिसके लिए स्थल बदलने की जरूरत पड़े।
खाड़ी देश इस समय संघर्ष की चपेट में हैं और इस क्षेत्र के ऊपर का हवाई क्षेत्र काफी हद तक बंद कर दिया गया है।
सुतोवस्की ने कहा, ‘‘हमारी योजनाएं नहीं बदली हैं। हम कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारियों के अंतिम चरण में हैं। बेशक, हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। साइप्रस युद्ध क्षेत्र या संघर्ष क्षेत्र से बहुत दूर नहीं है लेकिन साथ ही यह किसी भी तरह से सीधे तौर पर शामिल नहीं है और युद्ध की स्थिति में नहीं है।’’
साइप्रस भूमध्य सागर का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है और तुर्की के दक्षिण में स्थित है। यह यूरोपीय संघ का सदस्य है।
हंपी के अलावा भारत की आर वैशाली ने भी महिला कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई किया है जबकि आर प्रज्ञानानंदा ओपन वर्ग में एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।
भाषा सुधीर
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