ब्रेकिंग न्यूज़: भारत को इस वर्ष मिलेगा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का अंतिम हिस्सा!
भारत अपनी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के दो शेष यूनिट प्राप्त करने जा रहा है। इनमें से पहला यूनिट अगले महीने और अंतिम यूनिट नवंबर में मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय की पुष्टि
रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि भारत अपने रूसी समकक्षों के साथ समीप संपर्क में है ताकि समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके। इस मुद्दे पर उच्चतम स्तर पर चर्चा हुई है, जो इस प्रणाली की सामरिक महत्वता को दर्शाता है। अधिकारी ने बताया कि शेष दो यूनिट्स में से एक अगले महीने और अंतिम नवंबर में प्रदान किया जाएगा।
S-400 का महत्व
भारत ने 2018 में रूस के साथ S-400 सिस्टम के लिए 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था। अब तक तीन यूनिट सेवाओं में शामिल किए जा चुके हैं, और बाकी दो यूनिट अब निर्धारित समय के भीतर मिलने की उम्मीद है।
भारत में इस सिस्टम का नाम ‘सुदर्शन चक्र’ रखा गया है, जो भगवान कृष्ण के पौराणिक अस्त्र से प्रेरित है। यह प्रणाली 400 किमी की दूरी तक हवाई खतरों को नष्ट करने में सक्षम है, जिसमें फाइटर जेट्स, बैलिस्टिक मिसाइल्स और ड्रोन शामिल हैं।
रूस-भारत सहयोग
डिलीवरी की समयसीमा पर चर्चा पिछले साल जून में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष एंड्री बेलौसौव के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान भी हुई थी। उस समय रूस ने भारत को निर्धारित समय पर डिलीवरी का आश्वासन दिया था।
S-400 प्रणाली ने पहले ही अपने परिचालनात्मक प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान, तैनात प्रणालियों ने आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट और नष्ट किया, जिससे भारत की एयर डिफेंस क्षमताएं काफी बढ़ गईं।
इसके अलावा, पिछले महीने रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीद के लिए 10,000 करोड़ रुपये की लागत पर आवश्यकताओं की स्वीकृति (AoN) प्रदान की थी।
निष्कर्ष:
भारत के लिए यह S-400 प्रणाली एक रणनीतिक संपत्ति साबित हो रही है, जो न केवल उसके हवाई रक्षा तंत्र को सुदृढ़ करेगी, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को भी मजबूत करेगी। आने वाले महीनों में इन उपकरणों की डिलीवरी से भारत की सुरक्षा क्षमताओं में और इजाफा होगा।
