दुर्ग। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कथन कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैला रहे हैं, पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने पलटवार किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति जागरूक करना अंधविश्वास माना जाता है, तो जिन्हें ऐसा लगता है, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे आम तौर पर राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते क्योंकि वे नेता नहीं हैं, लेकिन इस मुद्दे पर अपनी बात रखना जरूरी था। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज को एकजुट करना, हनुमान जी की भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद की भावना जगाना अंधविश्वास नहीं है।
धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा भिलाई के जयंती स्टेडियम में 29 दिसंबर तक चलेगी। गुरुवार को कथा से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया।
बांग्लादेश की घटनाओं पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, हाल ही में वहां एक हिंदू को सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया गया क्योंकि वह हिंदू था। उन्होंने सनातनी हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि यह गंभीर विषय है और वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी हिंदू होना अपराध बन सकता है। यही समय है कि हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र की बात करें।






















