ब्रेकिंग न्यूज़: स्लोवेनिया में चुनावी महासंग्राम, प्रमुख नेता आमने-सामने!
रविवार को स्लोवेनिया में चुनाव होंगे, जिसमें वर्तमान प्रधानमंत्री रॉबर्ट ग़ोलोब और पूर्व प्रधानमंत्री जनेज़ जनसा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।
चुनावों में कड़ा मुकाबला
स्लोवेनिया में आगामी चुनावों में रॉबर्ट ग़ोलोब की फ्रीडम मूवमेंट (GS) और जनेज़ जनसा की स्लोवेनियन डेमोक्रेटिक पार्टी (SDS) के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। वर्तमान में जनसंख्या के विभाजन और छोटी पार्टियों के समर्थन से चुनाव का नतीजा तय होगा। चुनावी सर्वेक्षणों में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है।
जनसा तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं, जिनका कार्यकाल 2004-2008, 2012-2013 और 2020-2022 तक रहा। वहीं, ग़ोलोब ने सामाजिक नीतियों, हरित परिवर्तन और संस्थागत सुधारों पर जोर दिया है, जबकि जनसा ने व्यापार के लिए टैक्स ब्रेक और कल्याण कार्यक्रमों में कटौती करने का वादा किया है।
विदेश नीति पर दृष्टिकोण
स्लोवेनिया, जिसने 1991 में स्वतंत्रता प्राप्त की, का भविष्य विदेश नीति पर निर्भर करेगा। विशेष रूप से इजरायल और फिलिस्तीन के मामलों पर उनके दृष्टिकोण में बड़ा अंतर है। स्लोवेनिया की वर्तमान सरकार इजरायल के खिलाफ मुखर आलोचना कर रही है, जबकि जनसा इजरायल के प्रति समर्थन प्रदर्शित करते हैं।
ग़ोलोब की सरकार ने गाजा में इजरायल की गतिविधियों की कठोर आलोचना की है और यहां तक कि कब्जे वाले सामान्य वस्तुओं के आयात पर रोक भी लगाई है। उन्होंने मई 2024 में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता दी, जिसने ल्युब्लियाना में फिलिस्तीनी ध्वज को फहराने की घटना को भी देखा।
चुनावों से पूर्व विदेशी हस्तक्षेप के आरोप
चुनावों से पहले एक सीक्रेट वीडियो में स्लोवेनियाई लॉबिस्ट और पूर्व मंत्री के बीच वार्तालाप का खुलासा हुआ है, जिसमें सरकारी निर्णयों को प्रभावित करने की चर्चा की गई है। प्रधानमंत्री ग़ोलोब ने "विदेशी सेवाओं" पर चुनावों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है।
स्लोवेनिया की खुफिया एजेंसी ने पुष्टि की है कि ब्लैक क्यूब के प्रतिनिधियों ने देश का दौरा किया था और चुनावी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप की रिपोर्ट पेश की है। प्रधानमंत्री ग़ोलोब ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन को पत्र भेजकर इस विदेशी हस्तक्षेप की पूरी जानकारी दी है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी ग़ोलोब का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने तीसरे देशों द्वारा स्पष्ट हस्तक्षेप का सामना किया है। वहीं, जनसा ने ब्लैक क्यूब के एक प्रतिनिधि से मिलने की बात स्वीकार की है, लेकिन किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
इस प्रकार, स्लोवेनिया के आगामी चुनाव न केवल देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि विदेश नीति और चुनावी प्रक्रियाओं पर भी गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
