अपने भीतर के ‘राम-कृष्ण को जागृत कीजिए कलयुग में ‘त्रेता-द्वापर का सुख मिलेगा : शंकु स्वामी
कोमाखान (महासमुंद)। शास्त्रों में वर्णित युगों को व्यक्ति अपने पुण्यों के आधार पर हासिल कर सकते हैं। जो जैसा कर्म करेगा वैसा उसे फल मिलेता है। हर जीवधारी में भगवान है, गीता में स्वयं भगवान ने कहा कि मरने वाला और मारने वाला वह स्वयं है। जब यह कई बार प्रमाणित हो गया है कि … Read more