लेबनान पर इसराइली हमलों से ‘मानवीय संकट’: यूएन की चेतावनी

ताजा खबर: लेबनान में मानवीय संकट की चेतावनी

लेबनान में इस्राइल के हमलों से displaced परिवारों की हालत नाजुक है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अधिकारी ने चेतावनी जारी की है कि स्थिति बहुत गंभीर है और मानवीय आपदा का खतरा बढ़ गया है।

मानवीय संकट की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने कहा है कि लेबनान में स्थिति बहुत चिंताजनक है। एजेंसी की लेबनान प्रतिनिधि, करोलिना लिंधोल्म बिलिंग ने शुक्रवार को बताया कि इस्राइल का बढ़ता हवाई हमला और मजबूरन विस्थापन के आदेश पूरे देश के निवासियों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले दक्षिण लेबनान से लेकर बेक़ा घाटी, बेरुत और उत्तर की ओर तक दिखाई दे रहे हैं।

UN के आंकड़ों के अनुसार, मार्च की शुरुआत से अब तक 1.2 मिलियन से अधिक लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं। बिलिंग ने जिनेवा में संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि "स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और मानवीय आपदा का खतरा वास्तविक है।"

बेघर परिवारों की स्थिति

बिलिंग ने बताया कि, जबरन विस्थापन के कारण लेबनान का आवासीय तंत्र पहले से ही दबाव में है। "पिछले सप्ताह की घटनाएं, जिसमें बेरुत के केंद्रीय हिस्से पर हवाई हमले हुए थे, ने उन लोगों को प्रभावित किया जो सामूहिक आश्रयों में सुरक्षित स्थान खोजने का प्रयास कर रहे थे," उन्होंने कहा।

हालांकि, स्थिति और भी खराब होती जा रही है। बेघर परिवार लगातार डर के साए में जी रहे हैं, और खासकर बच्चों पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव दीर्घकालिक हो सकता है।

इजरायली सैनिकों का आक्रामक रुख

इस्राइल ने हाल के दिनों में अपने आक्रमण को और तेज कर दिया है, जबकि हिज़्बुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रॉकेट दागे हैं। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साउथ लेबनान में भूमि आक्रमण को और बढ़ाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि सेना "एक बड़ा बफर जोन" बनाएगी।

अधिकारियों ने चिंता जताई है कि लेबनान के दक्षिण में नागरिकों को घर लौटने से रोका जाना एक गंभीर युद्ध अपराध हो सकता है। मानवाधिकार समूहों ने भी इस्राइली सरकार की योजनाओं की कड़ी निंदा की है।

नतीजा

UNHCR की रिपोर्ट के अनुसार, नागरिक क्षेत्रों में होने वाले हमलों से स्थिति और भी बिगड़ती जा रही है। “दक्षिण में प्रमुख पुलों को नष्ट कर दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्रों का संपर्क कट गया है,” बिलिंग ने बताया।

लेबनान सरकार के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्हें मानवीय संकट का समाधान जल्दी से जल्दी करना है। स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, लोगों में जबरदस्त panic है और सुरक्षित स्थानों की तलाश कहीं और भी मुश्किल हो रही है।

यह घटनाक्रम लेबनान में एक बड़ी मानवीय संकट की ओर इशारा करता है, जिसकी गंभीरता को तत्काल समझने की जरूरत है।

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