ब्रेकिंग न्यूज़: ईरान में इंटरनेट ठप होने का संकट जारी, 31 दिन में प्रवेश
ईरान में इंटरनेट सेवाएं ठप होने का संकट बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और इज़राइल के साथ युद्ध के चलते लाखों लोग वैश्विक संचार से कट गए हैं।
ईरान की इंटरनेट सेवाओं का संकट
ईरान में इंटरनेट बंदी का 31वां दिन, जिसमें लाखों लोग अंतरराष्ट्रीय संचार से वंचित हैं। इंटरनेट निगरानी समूह नेटब्लॉक्स के अनुसार, यह ठपाव अब 696 घंटे से अधिक का हो चुका है। यह संकट अमेरिका एवं इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के बीच में आया है, जो अब अपने पांचवे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
ईरान का घरेलू इंट्रानेट तो कार्यरत है, लेकिन वैश्विक इंटरनेट तक पहुंच सीमित हो गई है। नागरिकों को राज्य नियंत्रित प्लेटफॉर्म्स या महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। तेहरान के एक मार्केटिंग प्रबंधक, अरशिया ने कहा, “इंटरनेट के बिना रहना बहुत कठिन है। जब विदेशी टीवी चैनल भी बंद हो जाते हैं, तो हमें राज्य के टीवी के अलावा कोई खबर नहीं मिलती।”
सूचना के लिए संघर्ष
स्थानीय लोगों के लिए सूचना तक पहुंच अत्यंत सीमित हो गई है। ईरान के कई नागरिक केवल फोन कॉल के माध्यम से अपने परिवारों से संपर्क कर पा रहे हैं, जो बेहद महंगा हो गया है। 33 वर्षीय मैरियम ने बताया, “युद्ध के शुरूआती दिनों में संपर्क बनाए रखना बहुत कठिन था।”
वह एक ईरानी मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर अपने परिवार से वीडियो कॉल करने में सफल हुई हैं। हालांकि, यह सेवा भी संतोषजनक नहीं है। दूसरी ओर, 27 वर्षीय मिलाद, जिनका परिवार तुर्की में है, ने कहा, “मुझे सीधे फोन कॉल करने पड़ते हैं, जो बहुत महंगे हैं। इसलिए मैं उनसे जल्द ही बात नहीं कर पाता।”
स्वतंत्र समाचारों की कठिनाई
ईरान में सूचना के लिए उपलब्ध विकल्प सीमित हो गए हैं। लोग स्थानीय मीडिया और प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं, जो स्वतंत्र समाचारों को प्रदर्शित नहीं करते हैं। इस तरह की बंदियों को पहले भी ईरान ने जनाक्रोश के दौरान लागू किया है, जैसे कि इस साल के शुरू में हुए प्रदर्शनों के दौरान।
31 वर्षीय हानियेह, एक सिरेमिक कलाकार, ने कहा, “मैंने कठिनाई के बाद एक समाधान खोजा, लेकिन यह कनेक्शन बहुत अस्थिर है।” ऐसे में नागरिकों को बिना विश्वसनीय कनेक्टिविटी के जीना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु:
- ईरान में इंटरनेट ठप होने का संकट 30 दिन तक जारी रहा है।
- घरेलू इंट्रानेट सेवाएं सक्रिय हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच सीमित है।
- नागरिक महंगे फोन कॉल्स या राज्य नियंत्रित ऐप्स पर निर्भर हैं।
- स्वतंत्र समाचार तक पहुंच में भारी कमी आई है, जिससे राज्य मीडिया पर निर्भरता बढ़ी है।
- समाधान मौजूद हैं, लेकिन वे अस्थिर हैं, जिससे कनेक्टिविटी निरंतर नहीं रहती।
ईरान में यह संकट न केवल नागरिकों की जीवनशैली को प्रभावित कर रहा है, बल्कि सूचना के प्रवाह को भी रोका हुआ है। लोगों का संघर्ष जारी है जबकि वे बेहतर संचार की उम्मीद लिए जी रहे हैं।
