नई दिल्ली। रायपुर: इस साल अप्रैल का महीना चिलचिलाती धूप के बजाय ‘कूल-कूल’ बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठ रहे चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। अगले 5 दिनों तक पंजाब से लेकर बिहार तक ‘आफत’ भरी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
1. उत्तर भारत: दिल्ली-NCR में ओलावृष्टि और बारिश का अनुमान
दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज (7 अप्रैल) मौसम काफी सुहावना रहेगा। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है।
तापमान: अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी।
अलर्ट: दोपहर या शाम को दिल्ली-NCR में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है।
2. यूपी-उत्तराखंड: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में आंधी
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों में 7 से 9 अप्रैल तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
उत्तराखंड: हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का दौर 10 अप्रैल तक जारी रहेगा। तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
3. बिहार और झारखंड: 70 किमी की रफ्तार से चलेगा ‘थंडरस्क्वॉल’
बिहार और झारखंड में मौसम सबसे ज्यादा उग्र हो सकता है।
बिहार: IMD ने 50-60 किमी (झोंकों के साथ 70 किमी) की रफ्तार वाली विनाशकारी आंधी और बारिश की चेतावनी दी है।
झारखंड: यहां भी झमाझम बारिश के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
4. पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश का रेड अलर्ट
पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले 5 दिन भारी रहने वाले हैं।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय: इन राज्यों में 12 अप्रैल तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 9 अप्रैल को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट है।
5. मध्य और दक्षिण भारत का हाल
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश: 7 अप्रैल को इन राज्यों के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 9 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलती रहेंगी।
6. 11 अप्रैल से फिर आएगा नया संकट
राहत की उम्मीद अभी कम है क्योंकि 11 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देगा। इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में एक बार फिर बारिश और ओलावृष्टि का नया दौर शुरू होगा।
सावधानी बरतें:
आंधी और बिजली कड़कने के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों।
ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए किसान अपनी फसलों का ध्यान रखें।
यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की रिपोर्ट जरूर चेक करें।
