ताज़ा समाचार: छत्तीसगढ़ में सहायक प्राध्यापकों को मिली नई अवसर की अनुमति
रायपुर। 6 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विभिन्न colleges में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों और ग्रंथपालों को अन्य प्रदेशों और विभागों में आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कारों में भाग लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। यह निर्णय आयुक्त कार्यालय के प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है।
नई नियुक्तियों का अवसर
इस नई अनुमति ने प्रदेश के कई सहायक प्राध्यापकों को अपनी करियर के लिए नए दरवाजे खोले हैं। दिग्विजय सिंह, जो कि शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर में समाजशास्त्र के सहायक प्राध्यापक हैं, को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2025 में सम्मिलित होने की अनुमति मिली है।
इसी कड़ी में, आशीष मिश्र, सहायक प्राध्यापक-वनस्पति शास्त्र, को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे ही कई अन्य सहायक प्राध्यापकों को भी विभिन्न परीक्षाओं के लिए अनुमतियाँ प्रदान की गई हैं।
महत्वपूर्ण प्रतिभागी और परीक्षाएं
इस प्रक्रिया में शामिल होने वाले प्रमुख सहायक प्राध्यापकों में रविशंकर उरें, डॉ. संतोष कुमार अग्रवाल, डॉ. शर्मिला रूद्र, डॉ. राम आशीष तिवारी, और डॉ. जैनेन्द्र कुमार पटेल शामिल हैं। ये सभी विद्वान विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिसमें केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सहायक और एसोसिएट प्राध्यापक के पद शामिल हैं।
इन परिक्षाओं में सम्मिलित होने से न केवल उनके करियर की संभावनाएँ बढ़ेंगी, बल्कि इससे राज्य के शिक्षा क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
निष्कर्ष
यह पहल छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल सहायक प्राध्यापकों को अपने करियर को सुधारने का एक अवसर मिलेगा, बल्कि यह राज्य की शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। छत्तीसगढ़ शासन की इस योजना से उम्मीद की जा रही है कि योग्य अध्यापकों को उचित अवसर मिलेगा, जिससे सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नया आयाम मिलेगा।
आगे बढ़ते हुए, इस प्रकार की पहलें ही छात्रों और अध्यापकों दोनों के लिए उज्जवल भविष्य की ओर मार्ग प्रशस्त करेंगी।
