महासमुंद/कोमाखान। महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के टेमरी जांच नाका में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 27.260 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 13 लाख 63 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक 17 वर्षीय विधि-विरुद्ध संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से गांजा के अलावा दो बिना नंबर की मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 14 लाख 88 हजार रुपये बताई गई है।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ ला रहे थे गांजा
पुलिस के मुताबिक 4 सितंबर 2026 को कोमाखान थाना की टीम टेमरी जांच नाका में वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों में ओडिशा से गांजा लेकर महासमुंद की ओर आ रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी की। कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार दो मोटरसाइकिलों पर तीन पुरुष और एक महिला आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की।
पकड़े गए लोगों की पहचान बजरंग यादव (27), जीवन्ती महंत (20), राजेश्वर सारथी (25) तथा 17 वर्षीय विधि-विरुद्ध संघर्षरत बालक के रूप में हुई है। सभी रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
तीन पिट्ठू बैग में छिपाकर रखा था गांजा
पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान तीन काले रंग के पिट्ठू बैग मिले। बैगों के अंदर खाकी रंग के टेप से पैक किए गए कुल 6 पैकेट बरामद हुए। पुलिस के अनुसार जांच में पदार्थ गांजा पाया गया।
तौल कराने पर तीनों बैग से कुल 27.260 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इसकी कीमत 13,63,000 रुपये आंकी है।
दो बिना नंबर की बाइक भी जब्त
गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही बताई गई दो मोटरसाइकिलों को भी पुलिस ने जब्त किया है। इनमें एक लाल-काले रंग की हीरो पैशन प्लस और दूसरी काले रंग की हीरो स्प्लेंडर है। दोनों मोटरसाइकिलों की कीमत क्रमशः 80 हजार और 35 हजार रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पुलिस ने बजरंग यादव और विधि-विरुद्ध संघर्षरत बालक के कब्जे से रेडमी कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपियों को गांजा रखने और परिवहन करने के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए धारा 67 NDPS एक्ट के तहत नोटिस दिया गया, लेकिन आरोपियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
मामले में पुलिस ने धारा 20(B)(II)(C) और 29 NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को गिरफ्तारी के कारण से अवगत कराने के बाद विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा प्रकरण की सूचना उनके परिजनों को दी गई।
ओडिशा से धरमजयगढ़ तक गांजा पहुंचाने की जांच
पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजा बालिगुड़ा, ओडिशा से धरमजयगढ़, छत्तीसगढ़ ले जाना बताया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से खरीदा गया था और इसे छत्तीसगढ़ में किसे पहुंचाया जाना था। मामले में गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर होने वाले गांजा परिवहन पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।


Recent Comments