ब्रेकिंग न्यूज़: बिहार में शिक्षकों पर कार्रवाई
4 अप्रैल 2026, नवादा: बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसी क्रम में नवादा जिले के सैकड़ों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शिक्षा विभाग ने 386 शिक्षक-शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण नहीं देने पर वेतन कटौती की चेतावनी दी गई है।
386 शिक्षकों को नोटिस
जिला शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल में छेड़छाड़ करने के आरोप में 386 शिक्षक-शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) स्थापना, शिव कुमार वर्मा ने इन शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। यदि कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई का कारण
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 30 मार्च को इन शिक्षकों ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन उपस्थिति में लापरवाही बरती थी। उन्होंने उपस्थिति के स्थान पर ‘प्रेजेंट’ दिखाया और ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ विकल्प का चुनाव किया, जबकि ‘मार्क ऑन ड्यूटी रीजन’ कॉलम को छोड़ दिया गया या उसमें गलत जानकारी भर दी गई थी।
ऑनलाइन उपस्थिति की जिम्मेदारी
जैसे ही शिक्षा विभाग को इस लापरवाही के बारे में जानकारी मिली, तत्काल जांच की गई। जांच में पुष्टि हुई कि 386 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने में गलती की है। डीपीओ शिव कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि सही उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
यह स्थिति यह स्पष्ट करती है कि शिक्षा विभाग नियमित रूप से अपनी प्रणाली में सुधार लाने के लिए सजग है। शिक्षकों को यह समझना चाहिए कि उनकी जिम्मेदारियों का पालन करना न केवल उनके लिए आवश्यक है, बल्कि यह छात्रों के हित में भी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि शिक्षकों ने समय पर स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो उनका वेतन कटना निश्चित है। यह सभी शिक्षकों के लिए एक सीखता है कि वे अपनी कार्यप्रणाली को अद्यतन रखें।
