टक्कर इतनी भीषण थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर भगदड़ मच गई। हादसे में घायल लोगों को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल बेमेतरा पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि कई घायलों को सिर और रीढ़ की गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें रायपुर एम्स रेफर किया गया है।
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👦 नाबालिग चला रहा था कार, पिता पुलिस हिरासत में
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हादसे में शामिल कार को एक नाबालिग किशोर चला रहा था। वाहन किशोर के नाम पर नहीं था, जिसके चलते पुलिस ने कानूनी जिम्मेदार अभिभावक (पिता) को हिरासत में लिया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी किशोर की पहचान हो चुकी है, और उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट व भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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😡 हादसे के बाद गुस्से में फूटा जनाक्रोश
हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग आरोपी के घर के बाहर जमा हो गए और गिरफ्तारी की मांग करने लगे। भीड़ ने घर में घुसने की कोशिश की, जिसके दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। आरोपी के घर में खड़ी एक कार और शीशों को नुकसान पहुंचाया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति पर काबू पाया। उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश की, जिसके बाद कुछ समय में हालात सामान्य हो गए।
🛑 स्थिति नियंत्रण में, दोषियों पर सख्त कार्रवाई
एसपी रामकृष्ण साहू ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा — “दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस नाबालिग चालक के साथ-साथ उसके पिता पर भी कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं, जिन्होंने आरोपी के घर में तोड़फोड़ की, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
📍 निष्कर्ष:
बेमेतरा का यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि नाबालिगों को वाहन चलाने की छूट कैसे मिल रही है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।