ब्रेकिंग न्यूज़: ईरान ने दी चेतावनी, ‘बिना किसी दया के’ करेगा जवाब
तेहरान ने कहा है कि अगर उसकी ऊर्जा सुविधाओं पर फिर से हमले हुए तो वह “किसी भी प्रकार की दया” नहीं करेगा। इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि युद्ध में ‘स्थल बल’ का संभावित उपयोग हो सकता है।
ईरान का ताजा रुख
ईरान ने हाल ही में इजराइल के दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के जवाब में कई ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यदि उसकी ऊर्जा सुविधाओं को फिर से निशाना बनाया गया, तो वह बिना किसी दया के प्रतिक्रिया देगा। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी क्षमता का केवल एक हिस्सा ही प्रकट किया है। ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कई अमेरिकी ठिकानों और इजराइल के भीतर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू करने की घोषणा की है।
तेहरान में मानवाधिकार समूहों का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से 18,000 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें 204 बच्चे शामिल हैं। ईरान के जर्मन राजदूत मेजिद निली ने कहा है कि उन्होंने जर्मनी से रैमस्टाइन एयर बेस की भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा है।
क्षेत्र में बढ़ती आक्रामकता
गाल्फ देशों में, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत ने मिसाइल हमलों के जवाब में अपने एयर डिफेंस सक्रिय कर दिए हैं। सऊदी अरब ने भी 10 ड्रोन को हवा में नष्ट करने का दावा किया है। कतर के LNG संयंत्र पर ईरानी हमले के कारण वैश्विक LNG आपूर्ति में भी 17% की कमी आई है।
कतर के प्रधानमंत्री और तुर्की के विदेश मंत्री ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरानी हमले की निंदा की है, इसे एक “खतरनाक वृद्धि” करार दिया। इस बीच, बहरीन की रक्षा बल ने हाल ही में 139 मिसाइलों को नष्ट करने की उपलब्धि हासिल की है।
अमेरिका की नीति और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री सना टाकाईची से बातचीत के दौरान पेर्ल हार्बर के हमले का उल्लेख करते हुए ईरान पर की गई हमलों की वैधता का समर्थन किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने सहयोगियों को हमले की पूर्व सूचना नहीं दी, ताकि वह हैरानी हुई प्रतिक्रिया का लाभ उठा सकें।
इस बीच, अमेरिका के रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नीतियां अभी भी ईरान के मिसाइल कार्यक्रमों और सामरिक क्षमता को कमजोर करने पर केंद्रित हैं। ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिका के सैनिकों को ईरान में नहीं भेजेंगे।
वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण, यूरोपीय परिषद ने ऊर्जा साइटों पर हमलों के खिलाफ एक नई अपील की है।
निष्कर्ष
जैसे-जैसे संघर्ष जारी है, वैश्विक तेल और गैस की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। आर्थिक दृष्टि से यह संकट विकसित देशों के साथ-साथ विकासशील देशों पर भी असर डाल रहा है। ईरान के प्रयास और इजराइल के संभावित रणनीतिक परिवर्तन इस स्थिति को और जटिल बना रहे हैं। ऐसे में, हमले और रक्षात्मक उपायों के मध्य एक स्थायी समाधान की तलाश आवश्यक है।


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