ब्रेकिंग न्यूज़: हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में सड़कों को लेकर जनहित याचिका पर सुनी सुनवाई
बिलासपुर। 21 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ राज्य में सड़कों की बेदह हालत को लेकर एक जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है।
सड़क परियोजनाओं में प्रगति
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार और NHAI ने कुछ सकारात्मक कदम उठाए हैं। कई परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और आवश्यकता के अनुसार सभी कार्यों की निरंतर निगरानी भी आवश्यक है। जनहित याचिका की सुनवाई में राज्य सरकार ने शपथ पत्र दिया, जिसमें बताया गया कि बिलासपुर की महत्वपूर्ण सड़क पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक के लिए 40.79 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया गया है। प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी है और तकनीकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।
टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य
सीपत से बलौदा रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जशपुर-अंबिकापुर सहित कई सड़कें जो राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत आती हैं, उस पर NHAI काम करेगा। मोपका-सेंदरी बायपास के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। श्रीकांत वर्मा चौक से सीएमडी चौक (बिलासपुर) के लिए प्रशासनिक मंजूरी भी प्राप्त हो गई है।
उच्च न्यायालय की दिशा-निर्देश
डिवीजन बेंच ने पीडब्ल्यूडी सचिव को निर्देशित किया कि अगली सुनवाई तक नए विकास के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। NHAI से भी एक स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे हों और बताया जाए कि इन कार्यों की समय सीमा क्या है।
निष्कर्ष:
हाई कोर्ट की इस सुनवाई से स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ में सड़क संबंधी परियोजनाएं अब गति पकड़ रही हैं। राज्य सरकार और NHAI के प्रयासों से कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, हालांकि कार्यों के समय पर पूर्ण होने के लिए निरंतर निगरानी की आवश्यकता है। 5 मई को होने वाली अगली सुनवाई में सभी पक्षों द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे सड़क हादसों में कमी और जन जीवन में सुधार की उम्मीद है।
