ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में अफीम खेती पर सख्त कार्रवाई
रायगढ़, 23 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आवश्यक सख्ती बरतने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टर और एसपी को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ड्रोन के माध्यम से निगरानी
रायगढ़ ज़िले के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसपी शशि मोहन सिंह ने हाल ही में सीमावर्ती क्षेत्रों में अफीम और गांजे की खेती को पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। उन्होंने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके खेतों और आस-पास के इलाकों की निरंतर निगरानी की जा रही है। इस दौरान लैलूंगा विकासखंड में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है।
अवशेष जानकारी के अनुसार, नवीन घटगांव में ड्रोन सर्वे के चलते एक किसान के खेत में अफीम की खेती पाई गई, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने अवैध खेती करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला प्रशासन अब ड्रोन के माध्यम से पूरे जिले में सतत निगरानी रख रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाकर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
दूरस्थ इलाकों में सुविधाजनक निगरानी
तमनार के आमाघाट में अफीम की खेती पकड़ में आने के बाद अब जिला प्रशासन ने उन कठिन भौगोलिक स्थानों पर फोकस करना शुरू कर दिया है, जहाँ सामान्य गश्त करना मुश्किल है। ड्रोन के जरिए केलो नदी के तटवर्ती खेतों का डिजिटल मैपिंग किया गया है, जिससे पहुंचविहीन क्षेत्रों पर भी प्रशासन की नजर बनी है।
खेती के नए पैटर्न
अफीम की खेती करने वाले अपराधियों ने अब रणनीति बदल ली है। बड़े पैमाने पर खेती करने के बजाय अब छोटे-छोटे टुकड़ों में खेती कर रहे हैं ताकि ध्यान न जा सके। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि ड्रोन के जरिए निरंतर निगरानी के कारण ही लैलूंगा क्षेत्र में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है।
निष्कर्ष
जिला प्रशासन की सख्त निगरानी और आधुनिक तकनीक के उपयोग के चलते छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती पर नियंत्रण पाने में सहायता मिल रही है। इस प्रकार की निरंतर कार्रवाई राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री की निर्देशों के आलोक में प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम से यह आशा की जा रही है कि छत्तीसगढ़ को अवैध नशे के खतरे से सुरक्षित रखा जाएगा।



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