ताजा खबर: भारत-कोरिया व्यापार फोरम का उद्घाटन सत्र
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आज भारत-कोरिया व्यापार फोरम का उद्घाटन सत्र आयोजित हुआ। इस अवसर पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग और भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम
इस फोरम का आयोजन भारत और कोरिया के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए किया गया है। उद्घाटन सत्र में भाग लेते हुए, राष्ट्रपति ली जे-म्यांग ने कहा कि दक्षिण कोरिया भारतीय बाजार में निवेश करने के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा, “हमारी कंपनियाँ भारत में दीर्घकालिक निवेश करने की इच्छुक हैं, तथा हम वहां की तकनीक एवं संसाधनों का लाभ उठाना चाहते हैं।”
पीयूष गोयल ने भी अपने संबोधन में कहा कि भारत ने व्यापार आसान बनाने के लिए कई नीतियाँ बनाई हैं। उन्होंने कोरियाई निवेशकों को आश्वासन दिया कि भारत में कारोबार करना आसान होगा और सभी संभावित बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार तत्पर है।
तकनीकी सहयोग और नवोन्मेषण पर जोर
फोरम में तकनीकी सहयोग और नवोन्मेषण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। राष्ट्रपति ली ने कहा कि दोनों देशों के बीच डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग की महत्वपूर्ण संभावनाएँ हैं। उन्होंने उद्योगों से एक दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाने और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
पीयूष गोयल ने कहा, “भारत में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए हम कोरिया के अनुभव का उपयोग कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के लिए नवोन्मेषण को बढ़ावा मिलेगा।”
द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने की पहल
भारत-कोरिया व्यापार फोरम का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना है। व्यापारिक नेताओं ने भविष्य के सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अवसरों पर चर्चा की। यह फोरम न केवल व्यापारिक नेटवर्क को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी बढ़ावा देगा।
राष्ट्रपति ली ने आगे कहा, “हम भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए तैयार हैं जो न केवल आर्थिक लाभ हो, बल्कि दोनों देशों के बीच सद्भावना को भी मजबूत करे।”
निष्कर्ष
भारत-कोरिया व्यापार फोरम का उद्घाटन सत्र एक नई शुरुआत का प्रतीक है। दोनों देशों के नेताओं की इच्छाशक्ति और सहयोग से अपेक्षा की जा रही है कि यह सत्र व्यापारिक संबंधों में एक नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करेगा। यह कदम भारत और कोरिया के लिए नए व्यापारिक अवसर लाने के साथ-साथ आपसी संबंधों को भी मजबूत करेगा।
आगामी दिनों में इस फोरम के माध्यम से किए गए उपायों का असर देखने को मिलेगा, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।




