धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, लापरवाही और अनियमितताओं पर गिरी गाज
नवा रायपुर | 28 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने महासमुंद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई चौथी कक्षा की परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न और विभागीय कार्यों में गंभीर लापरवाही के चलते की गई है।
📌 क्या है पूरा मामला?
जनवरी 2026 में एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार चौथी कक्षा के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। प्रश्न में “कुत्ते का नाम” के विकल्प के रूप में भगवान राम का नाम शामिल किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विभाग की छवि पर भी असर पड़ा।
जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र तैयार करने, मुद्रण और वितरण की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।
⚠️ अन्य गंभीर आरोप भी सामने आए
जांच में केवल परीक्षा विवाद ही नहीं, बल्कि कई अन्य अनियमितताएं भी उजागर हुईं:
- हाईकोर्ट से जुड़े एक मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना
- विभागीय आदेशों की अनदेखी करना
- ऑडिट में वित्तीय अनियमितताएं मिलना
- पद के दायित्वों में लापरवाही और अनुशासनहीनता
इन सभी को गंभीर कदाचार माना गया।
🚫 तत्काल निलंबन, मुख्यालय तय
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए विजय लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है।
🔄 नए अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार
लहरे के निलंबन के बाद बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
💰 निलंबन अवधि में मिलेगा भत्ता
निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।



