Air India Crisis: वैश्विक स्तर पर बढ़ते जेट फ्यूल (ATF) के दामों ने एविएशन इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। ईरान से जुड़े तनाव और तेल सप्लाई संकट के चलते ईंधन महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस पर पड़ रहा है। इसी दबाव के चलते एयर इंडिया ने अपने ऑपरेशन में कटौती करते हुए रोजाना 100 से अधिक उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है।
तेल संकट से एविएशन सेक्टर पर असर
तेल की बढ़ती कीमतों ने एविएशन इंडस्ट्री को गंभीर संकट में डाल दिया है। जेट फ्यूल (ATF) महंगा होने से एयरलाइंस कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसका असर सीधे फ्लाइट ऑपरेशन पर पड़ रहा है।
एयर इंडिया ने 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द की
बढ़ते खर्च को देखते हुए Air India ने रोजाना 100 से अधिक उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है। कंपनी के मुताबिक यह कदम घाटे को कम करने के लिए उठाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू रूट प्रभावित
एयर इंडिया रोज करीब 1100 उड़ानें संचालित करती है, लेकिन अब कई रूट्स पर कटौती की जा रही है। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय रूट्स के साथ-साथ कुछ घरेलू उड़ानें भी प्रभावित हो सकती हैं।
ATF की कीमतों में भारी उछाल
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
अमेरिका की स्पिरिट एयरलाइंस बंद
तेल संकट का असर अमेरिका में भी देखने को मिला है। लो-कॉस्ट एयरलाइन Spirit Airlines ने 34 साल बाद अपना संचालन बंद करने का ऐलान कर दिया है।
17 हजार कर्मचारियों की नौकरी गई
स्पिरिट एयरलाइंस के बंद होने से करीब 17,000 कर्मचारियों की नौकरी चली गई है। बढ़ती फ्यूल लागत और लगातार घाटे के कारण कंपनी यह कदम उठाने को मजबूर हुई।
होर्मुज संकट से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज क्षेत्र में अनिश्चितता के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है।
आगे और बढ़ सकता है संकट
अगर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में और भी उड़ानें रद्द हो सकती हैं। साथ ही हवाई यात्रा महंगी होने की आशंका भी जताई जा रही है।


