1000 फीट ऊंचे शिशुपाल पर्वत से छलांग, पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी | सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
महासमुंद. सराईपाली। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड स्थित शिशुपाल पर्वत के प्रसिद्ध घोड़ाधार जलप्रपात से एक प्रेमी जोड़े द्वारा कूदकर आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे कौन थे और कहां से आए थे।
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ की जा रही है तथा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
खतरनाक स्थल बनता जा रहा जलप्रपात
घोड़ाधार जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार अब तक यहां से गिरने के कारण 9 से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में लोगों को धक्का देकर हत्या किए जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
- पर्वत के किनारों पर कहीं भी सुरक्षा ग्रिल नहीं लगी है
- चेतावनी के लिए साइन बोर्ड तक मौजूद नहीं हैं
- किसी भी प्रकार की सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं है
गौरतलब है कि वन विभाग द्वारा यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से 20 रुपये शुल्क लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां असामाजिक तत्व खुलेआम शराब सेवन करते हैं और मनमानी करते हैं। रोक-टोक के अभाव में यह स्थान असुरक्षित होता जा रहा है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान पर खतरा बना रहता है।
जांच जारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। वहीं, इस घटना के बाद एक बार फिर घोड़ाधार जलप्रपात पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ठोस सुरक्षा उपाय
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद यदि समय रहते ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता।


