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मानसून 2026 पर संकट के बादल: छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में कम बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली/रायपुर। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 को लेकर जारी अपने अपडेटेड लॉन्ग रेंज फोरकास्ट में देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष जून से सितंबर के बीच पूरे देश में औसत बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। खासतौर पर मध्य भारत और छत्तीसगढ़ उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां मानसून कमजोर पड़ सकता है और इसका सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी, जलसंकट और गर्मी पर देखने को मिल सकता है।

IMD के अनुसार इस बार देशभर में मानसूनी बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का करीब 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी सामान्य से कम बारिश की संभावना सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य भारत, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश सामान्य से नीचे रह सकती है।

छत्तीसगढ़ पर क्या असर पड़ सकता है?

छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से कृषि आधारित राज्य है और यहां की बड़ी आबादी वर्षा आधारित खेती पर निर्भर है। ऐसे में मानसून कमजोर रहने पर कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं।

1. धान की खेती पर असर

छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। यदि जून और जुलाई में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो:

  • धान की बोआई प्रभावित हो सकती है
  • नर्सरी तैयार करने में दिक्कत आएगी
  • खेतों में पानी की कमी से उत्पादन घट सकता है

2. जल संकट बढ़ने की आशंका

कम बारिश होने पर:

  • तालाब, बांध और जलाशयों में पानी कम भर पाएगा
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा सकता है
  • हैंडपंप और बोरवेल जल्दी सूख सकते हैं

3. गर्मी और उमस बढ़ सकती है

IMD ने पहले ही संकेत दिया है कि जून में कई राज्यों में हीटवेव और अधिक तापमान की स्थिति बन सकती है। छत्तीसगढ़ में:

  • लू के दिन बढ़ सकते हैं
  • बिजली की मांग बढ़ेगी
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं

4. बिजली उत्पादन और सिंचाई पर असर

कम बारिश से जलाशयों का जलस्तर घट सकता है, जिससे:

  • सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित होंगी
  • बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है

आखिर ऐसा क्यों हो सकता है?

IMD के मुताबिक प्रशांत महासागर में ENSO यानी एल नीनो की स्थिति विकसित होने की संभावना है। एल नीनो बनने पर भारत में मानसून अक्सर कमजोर पड़ जाता है और बारिश कम होती है।

किसानों और लोगों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का मानना है कि अभी से तैयारी करना जरूरी है।

किसानों के लिए सलाह

  • कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता दें
  • खेतों में जल संरक्षण के उपाय करें
  • बारिश शुरू होते ही समय पर बोआई करें
  • कृषि विभाग की सलाह और मौसम अपडेट लगातार लेते रहें

आम लोगों के लिए

  • पानी की बर्बादी रोकें
  • वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) अपनाएं
  • गर्मी और लू से बचाव के उपाय करें
  • बिजली और पानी का संतुलित उपयोग करें

जून में भी कम बारिश का अनुमान

IMD ने कहा है कि जून 2026 में पूरे देश में बारिश सामान्य से नीचे रह सकती है। हालांकि उत्तर-पूर्व भारत और कुछ सीमित क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग जुलाई के लिए विस्तृत मानसून पूर्वानुमान जून के अंतिम सप्ताह में जारी करेगा।

किसानों के लिए चिंता बढ़ी: IMD बोला– इस साल कमजोर रह सकता है मानसून

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