हितग्राही का आरोप- मजदूरी की राशि दूसरे खातों में डाली गई, सीईओ बोले- सभी पहलुओं की होगी निष्पक्ष जांच
बागबाहरा/महासमुंद। जनपद पंचायत बागबाहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत खट्टी एक बार फिर पीएम आवास योजना और मनरेगा भुगतान में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। ग्राम सेनभाठा निवासी कुमारी बाई पिता जीवन ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत उनके मकान निर्माण में मनरेगा मजदूरी राशि का बड़ा हिस्सा अन्य लोगों के खातों में जमा कर दिया गया।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2024-25 में कुमारी बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आवास निर्माण के लिए उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य में मजदूरी मद से मनरेगा के तहत 23 हजार 4 रुपये की राशि स्वीकृत एवं आहरित की गई।
खाते में पहुंचे सिर्फ 6,795 रुपये
कुमारी बाई का आरोप है कि स्वीकृत मजदूरी राशि में से उनके खाते में मात्र 6,795 रुपये ही जमा किए गए, जबकि शेष राशि गांव के ही कुछ अन्य लोगों के खातों में डाल दी गई। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि जिन लोगों के खातों में राशि जमा हुई, उन्होंने उनके आवास निर्माण में किसी प्रकार का श्रम कार्य नहीं किया।
पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उनके खातों में मजदूरी की राशि आई थी, जिसे निकालकर रोजगार सहायक को दे दिया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और बकाया मजदूरी राशि दिलाने की मांग की है।
पहले भी सामने आया था पीएम आवास में गड़बड़ी का मामला
गौरतलब है कि इसी ग्राम पंचायत खट्टी के ग्राम सेनभाठा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा एक और मामला पहले सामने आ चुका है। एक हितग्राही के नाम पर सरकारी पोर्टल में आवास को “पूर्ण” दर्शाया गया था, जबकि पंचायत के प्रस्ताव में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने का उल्लेख किया गया था।
मामले में आरोप लगे थे कि पुराने मकान के सामने खड़े होकर जियो टैगिंग कराई गई और वास्तविक निर्माण कार्य का सत्यापन किए बिना आवास को पूर्ण दर्शा दिया गया। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने की बात भी सामने आई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पहली जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, जांच अधिकारी हटाए गए
इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत बागबाहरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.एन. मंडावी ने कहा कि सेनभाठा के पीएम आवास मामले की जांच के लिए पहले कारारोपण अधिकारी क्षीरसागर पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि उनके द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन संदिग्ध पाए जाने के कारण उन्हें जांच से हटा दिया गया है।
सीईओ ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नई जांच टीम गठित कर दी गई है। साथ ही कुमारी बाई द्वारा मनरेगा भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा, “पीएम आवास और मनरेगा भुगतान से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
सवालों के घेरे में निगरानी व्यवस्था
लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ हितग्राही मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर पहले की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की नजर अब नई जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
और भी पढ़ें
4.56 करोड़ के गांजा तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड यूपी से गिरफ्तार
तिल्दा में स्कूल के बाहर खूनी संघर्ष, 11वीं के छात्र की चाकूबाजी में मौत
छत्तीसगढ़ के 4.7 लाख कर्मचारियों को चुनना होगा एक विकल्प, सरकार ने जारी किया आदेश
मिड-डे मील संकट: कहीं बंद है चूल्हा, कहीं शिक्षक दे रहे जेब से पैसे
23 जून तक छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ सकता है मानसून, कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी


Recent Comments