बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर सिस्टम बढ़ाएगा मानसून की रफ्तार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्यप्रदेश में तेज बारिश, वज्रपात और बाढ़ का खतरा
Weather Alert: देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे संभावित निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से अगले 48 से 60 घंटे बेहद अहम रहेंगे। इसका सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्यप्रदेश समेत पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 22 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और कुछ इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून
Weather Alert: मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले दो से तीन दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
बंगाल की खाड़ी से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में ओडिशा शामिल है। यहां कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। लगातार वर्षा के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मध्यप्रदेश के पूर्वी जिलों में मूसलाधार बारिश
Weather Alert: मध्यप्रदेश में मौसम दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा सकता है। छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, शहडोल, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन और मंदसौर सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं भोपाल और आसपास के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत हल्की बारिश की संभावना है।
इन 22 राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट
Weather Alert: आईएमडी के अनुसार 15 से 20 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में अलग-अलग स्तर पर भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है।
उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में भी बढ़ेगी मुश्किल
बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन तथा फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ सकता है। चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में उमस रहेगी, भारी बारिश के आसार कम
Weather Alert: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना कम है। अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और उमस बनी रहने का अनुमान है। हालांकि तेज हवाएं और मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है वहां खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
क्यों अहम हैं अगले 60 घंटे?
Weather Alert: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र मानसून को नई ऊर्जा देगा। इसके प्रभाव से मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में एक साथ तेज बारिश, आंधी, वज्रपात और बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए अगले 60 घंटे मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


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