32,920 योजनाओं में सिर्फ 15,210 पूरी, 30 हजार से ज्यादा परियोजनाएं तीन साल से लंबित; कांग्रेस ने ₹2200 करोड़ भुगतान रोकने का लगाया आरोप
दिलीप शर्मा। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर करीब 2200 करोड़ रुपये का भुगतान रोककर योजना को ठप करने का आरोप लगाया है, वहीं जल जीवन मिशन के आधिकारिक आंकड़े भी बताते हैं कि योजना अब तक अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है। 31 मार्च 2026 तक राज्य के हर घर में नल जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक केवल 84 प्रतिशत परिवारों को ही नल कनेक्शन मिल पाया है।
8 लाख से अधिक परिवार अब भी इंतजार में
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 49,95,284 परिवार हैं, जिनमें से 41,73,578 परिवारों को ही नल कनेक्शन मिला है। यानी करीब 8.22 लाख परिवार अभी भी जल जीवन मिशन के लाभ से वंचित हैं।
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आधी से भी कम योजनाएं पूरी
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 32,920 पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, लेकिन इनमें से केवल 15,210 योजनाएं ही भौतिक रूप से पूरी हो सकी हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 401 योजनाएं ही वित्तीय रूप से पूर्ण घोषित की गई हैं, जबकि 10,779 योजनाएं ही संबंधित एजेंसियों से हस्तांतरित होकर संचालन में आई हैं।
तीन साल से लंबित 30 हजार से ज्यादा योजनाएं
जल जीवन मिशन की रिपोर्ट बताती है कि 30,244 योजनाएं ऐसी हैं जिनकी उम्र तीन वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इससे स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में परियोजनाएं लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं।
24 योजनाओं का काम तक शुरू नहीं
रिपोर्ट के अनुसार 24 योजनाओं का कार्य आवंटन अब तक लंबित है। इन योजनाओं से 1,705 परिवारों को लाभ मिलना था और इनकी अनुमानित लागत 11.40 करोड़ रुपये है।
13 गांवों में आज भी पेयजल योजना नहीं
राज्य में अब भी 13 गांव ऐसे हैं जहां सार्वजनिक जलापूर्ति (PWS) योजना उपलब्ध नहीं है। वहीं 1,022 योजनाओं का जल स्रोत भी अब तक चिन्हित या लिंक नहीं किया गया है।
भू-टैगिंग और गुणवत्ता पर भी सवाल
रिपोर्ट के अनुसार कुल योजनाओं में से केवल 45.46 प्रतिशत योजनाओं की ही जियो-टैगिंग हुई है। वहीं वर्ष 2024-25 में जांचे गए 22,091 जल नमूनों में 23 नमूने दूषित पाए गए, लेकिन रिपोर्ट में इनके लिए कोई सुधारात्मक कार्रवाई दर्ज नहीं है।
आदिवासी क्षेत्रों में भी लक्ष्य अधूरा
राज्य के 3.31 लाख विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) परिवारों में से केवल 2.56 लाख (77 प्रतिशत) परिवारों तक ही नल जल कनेक्शन पहुंच पाया है।

कांग्रेस का आरोप
इसी बीच प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भाजपा सरकार पर करीब 2200 करोड़ रुपये का भुगतान रोकने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भुगतान नहीं मिलने से निर्माण एजेंसियां आर्थिक संकट में हैं, कई परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं और हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने लंबित भुगतान तत्काल जारी करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
(नोट: इस समाचार में प्रयुक्त आंकड़े जल जीवन मिशन की आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट पर आधारित हैं, जबकि ₹2200 करोड़ भुगतान रोकने का दावा कांग्रेस के प्रेस वक्तव्य का हिस्सा है। दोनों तथ्यों को अलग-अलग स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।)


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