महासमुंद। जमीन बिक्री के नाम पर करीब 12.63 लाख रुपए लेकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। रायपुर निवासी डॉ. बुधनारायण पटेल ने कोमाखान थाना क्षेत्र के पटपरपाली निवासी भीखमचंद साहू और बकमा निवासी रेखराम बाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करीब 19 एकड़ कृषि भूमि का सौदा 70 लाख रुपए में तय कर 11.85 लाख रुपए ब्याना के रूप में लिए गए। बाद में बटांकन के बाद पता चला कि संबंधित व्यक्ति के हिस्से में सिर्फ करीब 3 एकड़ जमीन ही आई। आरोप है कि इसी जमीन को भी बाद में शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना दूसरे व्यक्ति को बेचकर रजिस्ट्री कर दी गई।
70 लाख में हुआ था जमीन का सौदा
शिकायत के अनुसार डॉ. बुधनारायण पटेल ने बताया कि 5 अगस्त 2024 को भीखमचंद साहू ने पटपरपाली क्षेत्र में स्थित अलग-अलग खसरा नंबरों की कृषि भूमि को अपनी हक-स्वामित्व की जमीन बताते हुए करीब 19 एकड़ भूमि का सौदा 70 लाख रुपए में तय किया था।
सौदे के दौरान 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर एग्रीमेंट किया गया और अलग-अलग किस्तों में 11.85 लाख रुपए चेक एवं नगद के माध्यम से लिए गए। जमीन का सौदा कराने में रेखराम बाग ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
बटांकन के बाद सामने आई चौंकाने वाली बात
शिकायतकर्ता के मुताबिक जमीन के बटांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें पता चला कि भीखमचंद साहू के हिस्से में बताई जा रही करीब 19 एकड़ भूमि के बजाय मात्र 3 एकड़ कृषि भूमि ही आई है। डॉ. पटेल ने इसी 3 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीखमचंद साहू से कहा, जिस पर वह सहमत हुआ, लेकिन कथित तौर पर लगातार रजिस्ट्री के लिए टालमटोल करता रहा।
आरोप है कि बाद में भीखमचंद साहू ने शिकायतकर्ता को जानकारी दिए बिना उक्त कृषि भूमि को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम बेचकर रजिस्ट्री कर दी।
बटांकन और अन्य खर्च के नाम पर भी दिए करीब 78 हजार
शिकायत में डॉ. पटेल ने बताया कि बटांकन खर्च, ऋण पुस्तिका बनवाने सहित अन्य खर्चों के लिए भी उन्होंने अलग-अलग समय पर रकम दी। इसमें दो बार 10-10 हजार रुपए, दो बार 5-5 हजार रुपए और एक बार 3 हजार रुपए सहित अन्य खर्च मिलाकर करीब 78 हजार रुपए दिए जाने का उल्लेख है।
इस तरह शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन के सौदे और संबंधित खर्चों के नाम पर कुल करीब 12 लाख 63 हजार रुपए दिए गए।
पैसा मांगने पर कथित तौर पर धमकी देने का आरोप
डॉ. पटेल का आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने पर उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन रकम वापस नहीं की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भीखमचंद साहू के घर पैसा मांगने जाने पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया और विवाद करने की स्थिति बनाई गई। साथ ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार पैसे वापस करने के लिए दो माह का समय मांगते हुए इकरारनामा भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद रकम वापस नहीं की गई।
मध्यस्थ पर भी मिलीभगत का आरोप
डॉ. पटेल ने अपनी शिकायत में जमीन का सौदा कराने वाले रेखराम बाग पर भी भीखमचंद साहू के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रेखराम ने मध्यस्थ बनकर उनसे रकम दिलवाई और बाद में भीखमचंद साहू के हिस्से की जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने में सहयोग किया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की
डॉ. बुधनारायण पटेल ने 21 अगस्त 2026 को थाना कोमाखान में लिखित आवेदन देकर दोनों आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा मामले से संबंधित दस्तावेज, जमीन के स्वामित्व, बटांकन, एग्रीमेंट, भुगतान और बाद में की गई रजिस्ट्री की जांच की जाएगी।
Action Taken: शिकायत में लगाए गए आरोपों से अपराध घटित होना पाए जाने पर मामले को संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। मामले में जमीन के दस्तावेजों और पैसों के लेन-देन की जांच के साथ आरोपों की पुष्टि की जा रही है। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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