नेपाल/काठमांडू। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में बुधवार को आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल में बाढ़ से अब तक 157 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 142 भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की खबर है। आपदा के कारण कई इलाकों में संपर्क और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।
नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक बढ़े पानी ने भोटेकोशी नदी को उफान पर ला दिया। तेज बहाव की चपेट में आने से कई घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ ने कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है।
रसुवा और धादिंग सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा और धादिंग जिलों में देखा गया है। इसके अलावा नुवाकोट, चितवन और नवलपरासी ईस्ट समेत कई क्षेत्रों में भी बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान हुआ है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
19 पुल बह गए, हाइड्रोप्रोजेक्ट को भारी नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव में नेपाल के 19 मोटर चलने योग्य पुल बह गए, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। आठ चालू हाइड्रोप्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 354 मेगावाट बताई गई है। इसके अलावा निर्माणाधीन पांच परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
तिब्बत में भी भारी तबाही
चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भूस्खलन से भारी नुकसान की खबर है। सरकारी मीडिया के अनुसार वहां तीन लोगों की मौत और 265 लोग लापता हैं। नेपाल और तिब्बत में जारी आपदा के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
भूकंप के बाद ग्लेशियर से पानी निकलने की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, तिब्बत में भूकंप के कुछ समय बाद बाढ़ की सूचना मिली थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के कारण ग्लेशियर से अचानक पानी निकलने की घटना ने भोटेकोशी नदी में बाढ़ की स्थिति पैदा की हो। हालांकि इस कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चीन ने जारी किया अलर्ट
बाढ़ के बाद चीन की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अगले 24 घंटे तक नदियों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नेपाल के पीएम ने भारत का जताया आभार
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संकट की इस घड़ी में संवेदना और मदद की पेशकश करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। नेपाल सरकार ने कहा कि भारत का समर्थन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों को दर्शाता है।
वेबमोर्चा अपडेट: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है। लापता लोगों की संख्या और नुकसान का आंकड़ा आगे बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं।
नीचे देखे खौफनाक वीडियो

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