बागबाहरा। भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर ग्राम खट्टाडीह ने प्रकृति और गांव के भविष्य की रक्षा का अनूठा संकल्प लेकर प्रेरणादायी मिसाल पेश की। गांव में रक्षाबंधन की शुरुआत मिठाइयों से नहीं, बल्कि सुबह 7 बजे सामूहिक वृक्षारोपण से हुई। ग्रामीणों ने संदेश दिया कि जिस तरह राखी का धागा रिश्तों की रक्षा करता है, उसी तरह वृक्ष धरती, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करेंगे।
ग्राम पंचायत करहीडीह के सरपंच रामेश्वर साहू, उपसरपंच कुमार चक्रधारी तथा खट्टाडीह ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष दलेश साहू की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आंवला, जामुन, आम, शीशम, सागौन, गुलमोहर, बरगद सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार, इमारती, छायादार एवं पुष्पदार पौधों का रोपण किया गया।
शासकीय भूमि को अतिक्रमण से बचाने की पहल
खट्टाडीह में किया गया यह पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की बची हुई शासकीय भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने की दिशा में भी ग्रामीणों का सामूहिक प्रयास है।
उल्लेखनीय है कि गत माह ग्राम खट्टाडीह स्थित शासकीय भूमि के खसरा नंबर 89, रकबा 0.16 हेक्टेयर तथा खसरा नंबर 90, रकबा 0.27 हेक्टेयर, कुल 0.43 हेक्टेयर भूमि को हल्का पटवारी टोपसिंग ध्रुव द्वारा चिन्हांकित किया गया था। इसके बाद ग्रामवासियों ने उसी दिन उक्त भूमि पर वृक्षारोपण की शुरुआत करते हुए उसकी बाउंड्री भी कर दी थी।
बाद में वन विभाग द्वारा विभिन्न प्रजातियों के फलदार, इमारती एवं पुष्पदार पौधे उपलब्ध कराए गए। इन्हीं पौधों का रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रोपण किया।
ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ते तापमान, घटते जलस्तर और पर्यावरणीय संकट के दौर में प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। खट्टाडीह में लगाया गया यह पौधरोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक भूमि के संरक्षण का भी संदेश दे रहा है।
सार्वजनिक भूमि की कमी बनी बड़ी चिंता
ग्राम खट्टाडीह में सार्वजनिक उपयोग की भूमि का अभाव लंबे समय से एक गंभीर समस्या है। गांव में मवेशियों के लिए पर्याप्त चारागाह, बच्चों के लिए खेल मैदान, भविष्य में शिक्षण संस्थान, सार्वजनिक मुक्तिधाम, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य जनहितकारी कार्यों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में गांव में बची हुई शासकीय भूमि को सुरक्षित रखना केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी भी है। ग्रामीणों ने इसी सोच के साथ पौधरोपण को भूमि संरक्षण से जोड़ते हुए इसे जनहित की पहल का स्वरूप दिया है।
“राखी का असली अर्थ ही रक्षा है” — मनोहर ठाकुर
इस अवसर पर ग्राम खट्टाडीह के वरिष्ठ नागरिक मनोहर ठाकुर ने कहा कि आज लगाया गया पौधा केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि गांव के भविष्य की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा, “आज हमने जो पौधा लगाया है, वह सिर्फ हरियाली नहीं, हमारे गांव के भविष्य की मजबूत नींव है। राखी का असली अर्थ ही रक्षा है। आज खट्टाडीह ने तय किया है कि हम अपनी बहनों की ही नहीं, अपनी धरती की, अपने गांव की जमीन की और अपने बच्चों के भविष्य की भी रक्षा करेंगे।”
उन्होंने कहा कि गांव में सार्वजनिक जमीन पहले ही न के बराबर बची है। ऐसी स्थिति में शासकीय भूमि को अतिक्रमण से बचाना और उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना सभी ग्रामीणों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मनोहर ठाकुर ने कहा कि भविष्य में यही भूमि बच्चों के खेल मैदान, चारागाह, शिक्षण संस्थान, मुक्तिधाम, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जनहितकारी कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकती है। इसलिए वृक्षारोपण के माध्यम से इस भूमि का संरक्षण एक दूरदर्शी और जनहितकारी पहल है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर गांव की सामूहिक शक्ति ने यह संदेश दिया है कि प्रकृति की रक्षा और गांव के भविष्य की सुरक्षा, दोनों का संकल्प मिलकर ही पूरा किया जा सकता है।
सहयोगियों के प्रति जताया आभार
श्री ठाकुर ने इस नेक एवं जनहितकारी कार्य में सहयोग देने वाले समस्त ग्रामवासियों, राजस्व विभाग, वन विभाग, ग्राम पंचायत करहीडीह के सरपंच रामेश्वर साहू तथा सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में सरपंच रामेश्वर साहू, उपसरपंच कुमार चक्रधारी, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष दलेश साहू, उपाध्यक्ष भागवत सिन्हा, कोषाध्यक्ष रेवाराम ठाकुर, कार्यसमिति सदस्य ललिताप्रसाद चक्रधारी, कौशल चक्रधारी, रमन चक्रधारी, कन्हैया सिन्हा, रामेश्वर देवांगन, रेवाराम साहू, तोषण दीवान सहित वरिष्ठ नागरिक मनोहर ठाकुर, किशन चक्रधारी, रूपनारायण ठाकुर, मदन सिन्हा, नेमीचंद साहू, प्यारेलाल साहू, कार्तिकराम दीवान, चैनूराम दीवान, पूर्व सरपंच खेमराज ठाकुर, श्रीवत्स कुमार चक्रधारी, जितेन्द्र ठाकुर, मनोज देवांगन, मनीराम साहू, राहुल सिन्हा, पुनारद ठाकुर, उमा राम सिन्हा, सेतराम साहू, ललित ठाकुर, शंकर सिन्हा, भीखम सिन्हा, भगतराम साहू, चिंताराम सिन्हा, गनपत चक्रधारी, चंदू दीवान, मनीराम चक्रधारी, लखन चक्रधारी, थनवार चक्रधारी, जयलाल चक्रधारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने सहभागिता करते हुए पौधरोपण किया।
पौधों की देखभाल का भी लिया संकल्प
ग्रामीणों ने केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर खट्टाडीह की यह पहल भाई-बहन के प्रेम और भाईचारे के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के सामूहिक संकल्प का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
ग्रामीणों का मानना है कि आज लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में न केवल गांव को हराभरा बनाएंगे, बल्कि सुरक्षित सार्वजनिक भूमि के रूप में आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण विरासत भी साबित होंगे।

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