धामनतोरी के किसान ने 8,640 रुपये के धान की चोरी की शिकायत की, पूछताछ में आरोपी ने दो दुकानों में धान बेचने की बात कही
महासमुंद। जिले के तेन्दूकोना थाना क्षेत्र के ग्राम धामनतोरी में एक किसान के बाड़े से 9 कट्टा धान चोरी होने का मामला सामने आया है। किसान की शिकायत के अनुसार, चोरी किए गए धान को ग्राम जोबा कला और नरतोरा की दो किराना दुकानों में बेचा गया। मामले में पुलिस ने ग्राम धामनतोरी निवासी अर्जुन दीवान (23 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता राधेश्याम पटेल खेती-किसानी का काम करते हैं। उन्होंने अपने बाड़े में रबी फसल का बचा हुआ 23 कट्टा धान रखा था। यह बाड़ा धामनतोरी से झलप रोड जाने वाले कच्चे मार्ग पर स्थित है।
दो दिन के भीतर गायब मिले 9 कट्टा धान
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे उन्होंने बाड़े में रखे धान की जांच की थी। उस समय धान के कट्टे पूरे थे। लेकिन 18 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे जब वे दोबारा बाड़े पहुंचे, तो कुछ धान जमीन पर बिखरा मिला। कट्टों की गिनती करने पर 9 कट्टा धान गायब पाया गया।
इसके बाद किसान ने आसपास पता लगाया। प्राथमिकी में उल्लेख है कि उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम धामनतोरी निवासी अर्जुन दीवान ने ग्राम जोबा कला के किराना दुकानदार ईश्वर प्रसाद यादव और ग्राम नरतोरा के जनरल स्टोर संचालक जय किशन यादव के यहां कई बार कट्टों में धान लाकर बेचा था।
पूछताछ में 4 और 5 कट्टा धान बेचने की बात सामने आई
शिकायत के अनुसार, ग्रामीणों और ग्राम कोटवार की मौजूदगी में अर्जुन दीवान से पूछताछ की गई। प्राथमिकी में आरोप है कि उसने बाड़े से 9 कट्टा धान चोरी करने की बात स्वीकार की। इसमें से 4 कट्टा धान जोबा कला की किराना दुकान और 5 कट्टा धान नरतोरा के जनरल स्टोर में बेचने की बात बताई गई है।
किसान ने चोरी हुए धान की मात्रा प्रति कट्टा लगभग 40 किलोग्राम और कुल कीमत 8,640 रुपये बताई है। इसके बाद राधेश्याम पटेल ग्रामीणों के साथ तेन्दूकोना थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
तेन्दूकोना पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को इस मामले में FIR क्रमांक 0142/2026 दर्ज की। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच और धान की बिक्री से जुड़े तथ्यों का सत्यापन पुलिस की कार्रवाई के अधीन है।
नोट: धान चोरी और बिक्री से संबंधित विवरण प्राथमिकी में दर्ज शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।


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