महासमुंद। चक्रवात अर्नव का असर छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भी देखने को मिला। बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे से जिले में बारिश का दौर शुरू हुआ। रुक-रुककर हुई अच्छी बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पकने को तैयार धान की फसल पर मौसम की मार पड़ने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है।
खेतों में गिर गई धान की फसल, बढ़ी किसानों की चिंता
महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के कोमाखान क्षेत्र के किसान सागर त्रिपाठी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए खेत की तस्वीर पोस्ट की है। तस्वीर में धान की फसल खेत में गिरी हुई दिखाई दे रही है। किसान के अनुसार, धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार होने वाली थी। दीपावली के बाद फसल की कटाई शुरू की जानी थी, लेकिन मौसम की मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने की आशंका बढ़ा दी है।
धान की फसल गिरने से कटाई में परेशानी होती है। खेतों में पानी भरने और लगातार नमी बने रहने की स्थिति में फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ नुकसान भी बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों को अपनी तैयार फसल को लेकर चिंता सताने लगी है।
मौसम की मार से लागत निकालना भी हो सकता है मुश्किल
किसान पूरे सीजन फसल की देखभाल, खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च करते हैं। जब फसल पककर तैयार होती है, तब मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां उनकी उम्मीदों पर पानी फेर सकती हैं। कोमाखान क्षेत्र में धान की फसल गिरने से किसानों के सामने अब कटाई और उपज को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
चक्रवात अर्नव के प्रभाव से जिले में मौसम में आए बदलाव के बीच किसानों की निगाहें अब आने वाले मौसम पर टिकी हैं। यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है, तो खेतों में गिरी धान की फसल को और नुकसान पहुंचने की आशंका है।
WebMorcha की नजर किसानों की इस परेशानी पर बनी हुई है। खेतों में गिरी फसल और बारिश से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन होने के बाद ही किसानों को हुए नुकसान की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।


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