बच्चों की सुरक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी देना होगा ध्यान : डॉ. वर्णिका शर्मा
बागबाहरा, 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बागबाहरा प्रवास के दौरान प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, बागबाहरा और बिहाझर स्थित बालक गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
कन्या छात्रावास में डॉ. शर्मा ने बच्चियों के कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित करने, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम को सुव्यवस्थित रखने तथा स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रुचि और प्रतिभा निखारने के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
वहीं, बिहाझर स्थित बालक गृह के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बड़े बच्चों की तीरंदाजी के प्रति रुचि और उसके लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं उपकरण उपलब्ध कराने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, व्यवस्थित स्टडी रूम तैयार करने और भंडार गृह की स्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए।

सुरक्षा के साथ सर्वांगीण विकास भी जरूरी
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल संरक्षण का उद्देश्य केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि उनकी रुचि, प्रतिभा, कौशल और व्यक्तित्व विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना भी है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी उम्र और आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे सुरक्षित महसूस करने के साथ अपनी प्रतिभा को पहचान सकें और भविष्य में बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकें।


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